मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन का काम तेजी से चल रहा है, खरीदी केंद्रों पर किसानों की भीड़ जुट रही है, जानकारी के मुताबिक अब तक एक लाख 45 हजार 71 किसानों से 63 लाख 27 हजार 410 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है, राज्य सरकार ने किसानों की संख्या को देखते हुए और उन्हें परेशानी से बढ़ाने के लिए तौल कांटों की संख्य अको बढ़ा दिया है साथ ही अब प्रति उपार्जन केंद्र 1000 क्विंटल की जगह 1500 क्विंटल के लिए स्लॉट बुकिंग की जा सकेगी जिससे हर रोज अधिक गेहूं की तुलाई हो सके।
मध्य प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है किसानों में बहुत उत्साह दिखाई दे रहा है, उपार्जन केंद्रों पर वे बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, किसान बड़ी संख्या में स्लॉटबुकिंग करा रहे हैं अब तक 5 लाख 36 हजार 367 किसानों द्वारा 2 करोड़ 25 लाख 96 हजार 450 क्विंटल गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक एक लाख 45 हज़ार 71 किसानों से 63 लाख 27 हजार 410 क्विंटल गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। किसानों को 920 करोड़ 7 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है।
तौल कांटों की संख्या बढ़कर 6 हुई
खाद्य मंत्री ने बताया कि गेहूं उपार्जन के लिए 3171 केंद्र बनाये गए हैं, प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर अब तक 4 तौल कांटे थे जिनकी संख्या बढ़ाकर अब 6 कर दी गई है जिससे किसानों को सुविधा हो और उनका गेहूं समय पर टूल सके और वे अपने घर जा सकें, उन्होंने बताया कि स्लॉट बुकिंग क्षमता को भी सरकार ने बढ़ा दिया है अब प्रति उपार्जन केंद्र 1000 क्विंटल की जगह 1500 क्विंटल गेहूं के लिए स्लॉट बुकिंग की जा सकेगी। गौरतलब है कि सेटेलाइट ई-मेल में मिलान नहीं पाए गए खसरों को छोड़कर उसी किसान के शेष खसरों पर गेहूँ की फसल विक्रय हेतु स्लॉट बुकिंग की सुविधा दी गई है।
उपार्जन केंद्र पर किसानों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं
मंत्री राजपूत ने बताया कि गेहूं की एमएसपी रबी विपणन वर्ष 2026-27 में 2585 रुपये निर्धारित की गई है लेकिन मध्य प्रदेश सरकार इसपर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दे रही है यानि राज्य सरकार किसान से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के पेयजल की व्यवस्था, छायादार जगह की व्यवस्था सहित अन्य जरूरी सुविधाएँ उपब्ध कराई गई है जिनकी निगरानी भी की जा रही है। इसके अलावा उपार्जन केंद्र में बारदाने, तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छनना आदि की व्यवस्थाएं भी की गई हैं।
भंडारण को लेकर सरकार गंभीर
- गेहूं उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है।
- उपार्जित गेहूं को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है।
- समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उपार्जित गेहूं में से 51 लाख 75 हजार 370 क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है।
- किसानों को 920 करोड़ 7 लाख रुपए का भुगतान उनके बैंक खाते में किया जा चुका है।






