भोपाल में 72 साल के बुजुर्ग 03 दिन तक डिजिटल अरेस्ट, CBI अधिकारी बनकर 03 लाख ठगे

वह ठगों को और पैसे ट्रांसफर करने ही वाले थे कि रिश्तेदारों की समझदारी से वह और ज्यादा रुपये गवाने से बच गए। ठगों ने वॉट्सऐप वीडियो कॉल पर पीड़ित को 'डिजिटल अरेस्ट' करने की बात कहकर तीन दिन तक डराया और RTGS के जरिए रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली।
Bhopal digital arrest

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भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने खुद को CBI का सब-इंस्पेक्टर बताकर 72 साल के रिटायर्ड कर्मचारी जगन्नाथ राठौर को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर लिया, मामलें का खुलासा तब हुआ जब जगन्नाथ राठौर के रिश्तेदारों ने उन्हे तीन दिन तक घर से बाहर नहीं देखा, जब उन्होंने उनकी सुध ली तो उनके डिजिटल अरेस्ट होने की बात सामने आई, रिश्तेदारों ने बिना देरी किए कोलार पुलिस को इसकी सूचना दी, सूचना मिलते ही कोलार पुलिस मौके पर जगन्नाथ राठौर के घर पहुंची, असली पुलिस को देखते ही ठगों ने न सिर्फ फोन काट दिया बल्कि जगन्नाथ राठौर का नंबर ब्लॉक कर दिया। घटना से पीड़ित बेहद डरे हुए थे।

03 लाख रुपये ठगे 

इन तीन दिनों में ठग जगन्नाथ राठौर से 3 लाख रुपए की ठगी कर चुके थे। वह ठगों को और पैसे ट्रांसफर करने ही वाले थे कि रिश्तेदारों की समझदारी से वह और ज्यादा रुपये गवाने से बच गए। ठगों ने वॉट्सऐप वीडियो कॉल पर पीड़ित को ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने की बात कहकर तीन दिन तक डराया और RTGS के जरिए रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली।

एमपीईबी के रिटायर कर्मचारी है पीड़ित 

कोलार पुलिस के मुताबिक 8 जनवरी 2026 को शि्डीपुरम कोलार रोड निवासी जगन्नाथ राठौर के रिश्तेदार थाने पहुंचे और उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके जगन्नाथ राठौर एमपीईबी से रिटायर्ड कर्मचारी हैं और घर में अकेले रहते हैं। तीन दिन पहले उन्हें एक कॉल आया, जिसमें बताया गया कि उन्हें वॉट्सऐप वीडियो कॉल आएगी, जिसे वह उठाए और बात करें।

CBI इंस्पेक्टर बताकर ठगों ने बनाया निशाना 

कुछ देर बाद ही जगन्नाथ राठौर को ठगों ने वीडियो कॉल की और दूसरी तरफ़ मौजूद व्यक्ति ने खुद को CBI का सब-इंस्पेक्टर बताया और कहा कि उन्हं डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। ठग ने धमकी दी कि इस दौरान वे किसी को कुछ नहीं बताएंगे। डर और दबाव में आकर पीड़ित से उनके एसबीआई खाते से 3 लाख रुपए RTGS के जरिए एक अन्य खाते में ट्रांसफर करवा लिए गए। राशि खाता नंबर मिल्क मिल्क प्रोडक्ट्स, पुणे के नाम से बताए गए खाते में भेजी गई। ट्राजैक्शन आईडी भी शिकायत में दर्ज कराई गई है। जगन्नाथ राठौर अकेले रहते है, उनके बच्चे विदेश में रहते है, ठगों ने उनके अकेले होने की जानकारी जुटाकर उन्हे ठगने की कोशिश की।

पुलिस की तत्परता से ठगों के खाते होल्ड 

फिलहाल इस मामलें में पुलिस की तत्परता के चलते ठगों के खाते होल्ड करवा दिए गए जिससे पीड़ित के 03 लाख रुपये एक खाते के बाद अन्य किसी खाते में ट्रांसफर नहीं हो पाए।

पुलिस की अपील 

कोलार पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस मोबाइल नंबरों और दर्ज बैंक खाते की जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी जांच एजेंसी या पुलिस ‘डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई तरीका नहीं अपनाती। इस तरह की कॉल या वीडियो कॉल आए तो तुरंत उसे साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत करें।

Sushma Bhardwaj
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