बीजेपी विधायक का हमला, ‘चिताओं पर रोटियां सेकना कांग्रेस की पुरानी आदत’

बीजेपी विधायक का हमला, ‘चिताओं पर रोटियां सेकना कांग्रेस की पुरानी आदत’

भोपाल| भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा (BJP Mla Rameshwar Sharma) ने कांग्रेस (Congress) पर बड़ा हमला बोला है| उन्होंने मजदूरो में कोरोना (Corona) फैलाने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बताया है । विधायक ने कहा चिताओं पर रोटी सेकना कांग्रेस की पुरानी आदत है|

विधायक शर्मा ने कहा कोरोना संकट की वजह से लगाये गए लॉक डाउन से गरीब, मजदूर, किसान सब परेशान थे उस समय कांग्रेस घरों में कैद थी । जब देखा कि सब ठीक हो गया है गांव-गरीब-किसान- मजदूर तक सारी व्यवस्थाएं पहुँचने लगी है तो कांग्रेस का राजनैतिक भूत पुनः जाग्रत हुआ ।

उन्होंने कहा मैं बहुत जिम्मेदारी के साथ कहना चाहता हूँ कि कांग्रेस ने कोरोना को अवसर मान कर मजदूरो को जान बूझकर महाराष्ट्र, राजस्थान से भागने पर मजबूर कर उनकी संपत्तियों पर कब्जा करने का प्लान बनाया । इसी प्लान का हिस्सा था श्रीमती सोनिया गांधी जी का वह बयान की मजदूर अपने अपने घर वापस जाएं पैसा कांग्रेस देगी । सोनिया जी की यह बातें में सुनने में बहुत अच्छी लगी पर पूरे देश मे कांग्रेस के किसी नेता या कांग्रेस इकाई ने मजदूरो को एक रुपया नही दिया ।

जिस प्रकार जमातियों ने देश मे कोरोना फैलाया उसी तरह मजदूरो में कोरोना फैलाने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है । चिताओं पर रोटी सेकना कांग्रेस की पुरानी आदत है| वीडियो बनाने वाले सोनिया जी के मजदूरो को पैसा देने वाली घोषणा का वीडियो डालकर सोनिया जी से सवाल पूछें तो बेहतर होगा ।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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