भोपाल में राहत मिलना मुश्किल, आगे बढ़ सकता है लॉकडाउन

भोपाल में राहत मिलना मुश्किल, आगे बढ़ सकता है लॉकडाउन

भोपाल| राजधानी भोपाल (Bhopal) में कोरोना (Corona) के बढ़ते मामले प्रशासन के लिए मुश्किलें बढ़ा रहे हैं| सोमवार को शहर में 15 नए केस मिले हैं। इसमें जीएमसी के दो डॉक्टर संक्रमित पाए गए हैं। वहीं 7 संक्रमित केस हॉट स्पॉट बने जहांगीराबाद (Jahangirabad) से हैं। भोपाल में कुल संक्रमितों की संख्या 795 हो गई है| जिसके चलते लॉक डाउन आगे बढ़ाया जा सकता है|

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और राज्यों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये लॉक डाउन को लेकर चर्चा हो सकती है| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) भी इस बैठक में शामिल हुए हैं| प्रदेश के रेड जोन में शामिल भोपाल, इंदौर और उज्जैन जिलों में वर्तमान स्तिथि को देखते हुए लॉक डाउन बढ़ाया जा सकता है| इंदौर कलेक्टर इसके संकेत पहले ही दे चुके हैं| वहीं उज्जैन में लगातार नए मामले सामने आ रहे हैं| इस बीच भोपाल कलेक्टर ने भी लॉकडाउन नहीं हटाने की बात कही है। जल्द ही इसको लेकर फैसला हो सकता है|

पूर्व विधायक कोरोना पॉजिटिव, दिग्विजय सहित कई कांग्रेस नेता थे संपर्क में
भोपाल में कोरोना की चपेट में कई बड़े अधिकारी आ चुके हैं| अब पूर्व विधायक जितेंद्र डागा की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आने से हड़कंप मचा हुआ है| स्वास्थ्य विभाग अब उनके संपर्क में आए सभी लोगों की जांच करने में जुट गया है। उनके घर पर ही गरीबों की रसोई का संचालन किया जा रहा था। इसका शुभारंभ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजसिंह ने किया था। पिछले 15 दिन में श्री सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता डागा से मिले हैं। पूर्व विधायक से कई नेताओं के संपर्क में रहने की बात सामने आई है|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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