वायरल वीडियो पर बवाल: शिवराज बोले, ‘दिग्विजय सिंह इंटरनेशनल झूठे हैं’

वायरल वीडियो पर बवाल: शिवराज बोले, ‘दिग्विजय सिंह इंटरनेशनल झूठे हैं’

भोपाल| उपचुनाव (By Election) से पहले ऑडियो-वीडियो वायरल होने से सियासत गरमाई हुई है| पहले नेताओं के ऑडियो वायरल हुए और फिर इस पर सियासत थमी भी नहीं थी कि साेशल मीडिया पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) के एक एडिटेड वीडियो वायरल होने से नया बखेड़ा खड़ा हो गया| इस मामले में भाजपा की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह  (Digvijay Singh) समेत 12 लोगों पर केस दर्ज किया है। इधर, सीएम शिवराज ने हमला बोलते हुए कहा दिग्विजय सिंह इंटरनेशनल झूठे हैं, हमने इतना बड़ा झूठा कभी नहीं देखा|

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने रायसेन में रैली कर इसका आगाज किया। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने दिग्विजय पर तंज कसा| उन्होंने कहा दिग्विजय इंटरनेशनल झूठे हैं, हमने कभी नहीं देखा इतना बड़ा झूठा| विपक्ष में रहने के दौरान उन्होंने शराब नीति का विरोध किया था, उपदुकानों का विरोध किया था, इसलिए मेने कहा था कि सरकार तो चाहती है कि लोग पिएं और पड़े रहे| इसी वीडियो को एडिट कर वायरल किया गया| जनता को भ्रमित करने की कोशिश की है इसलिए भाजपा ने शिकायत दर्ज की है|

इधर, इस संबंध में दिग्विजय ने कहा है कि मैंने शिवराज सिंह चौहान के इलाके में आदिवासियों को ठगे जाने का मामला उठाया, उसी से डरकर भाजपा ने मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इस बात की भी जांच होना चाहिए कि इस वीडियो में छेड़छाड़ किसने की है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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