मध्यप्रदेश में पेयजल संकट एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। पिछले दिनों इंदौर के भागीरथपुरा त्रासदी के बाद अब बैतूल जिले के ग्रामीण इलाकों में भी दूषित पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि बैतूल जिले के बल्हेगांव (प्रभातपट्टन) की करीब 2000 की आबादी गंदा पानी पीने को मजबूर है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि हैंडपंप से आने वाले दूषित पानी के कारण यहां कई लोग बीमार पड़ रहे हैं। कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग की है कि बैतूल सहित पूरे प्रदेश में साफ और सुरक्षित पानी की व्यवस्था करवाएं। इसी के साथ उन्होंने जनता से अपील की है कि जब तक पानी साफ नहीं मिलता, वे टैक्स और बिल न दें।
बैतूल में पानी की समस्या से परेशान लोग
दरअसल दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि बैतूल जिले के बल्हेगांव में लोग गंदे पेयजल की समस्या से परेशान हैं। इस रिपोर्ट में महिलाएं कहती नज़र आ रही हैं कि सरकार उन्हें भले ही लाड़ली बहना योजना की राशि न दे लेकिन साफ पानी मुहैया कराए। इस मांग को लेकर गांव की महिलाएं कलेक्टर कार्यालय में भी गुहार लगा चुकी हैं। इसे लेकर अब उमंग सिंघार ने एक बार फिर मोहन सरकार को पानी के मुद्दे पर घेरा है।
उमंग सिंघार का प्रदेश सरकार पर आरोप, जनता से अपील
इंदौर की भागीरथपुरा में पेयजल त्रासदी के घाव अभी भरे भी नहीं है और प्रदेश के कई अन्य हिस्सों से पानी से जुड़ी शिकायतें सामने आने लगी हैं। राजधानी भोपाल में भी सीवेज और नालों के जहरीले पानी से सब्जियां उगाकर बेचने के आरोप लग रहे हैं। ऐसे में बैतूल जिले की इस घटना को लेकर कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि करीब 2000 की आबादी वाले गांव में लोग हैंडपंप से निकलने वाले गंदे और दूषित पानी को पीने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे गांव में सर्दी-जुकाम, पेट की बीमारियां और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे प्रदेश में त्वरित रूप से साफ और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही जनता से अपील की है कि जब तक साफ पानी नहीं मिलता, वे टैक्स और बिल न दें और घरों में खुद वाटर ऑडिट करें।





