इस महीने हो सकती है निगम मंडलों में नियुक्तियां

इस महीने हो सकती है निगम मंडलों में नियुक्तियां

भोपाल ।मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार बने हुए एक साल से ज्यादा का समय हो गया हैं| लेकिन अभी तक निगम मंडल में नियुक्ति नहीं हो पाई है| सरकार बनने के बाद से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को निगम-मंडल और आयोगों में नियुक्तियों का इंतजार है। हालांकि अब जल्द ही उनका इंतजार खत्म होने वाला है और निगम मंडल में जल्द नियुक्तियां होने के आसार हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने इस बात के संकेत दिए हैं|

रविवार को मीडिया से चर्चा करते हुए मानक अग्रवाल ने निगम मंडल और आयोगों में नियुक्तियों को लेकर बड़ा बयान दिया है| उन्होंने कहा कि फरवरी महीने में निगम मंडलों में नियुक्ति हो सकती है| मुख्यमंत्री कमलनाथ और मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बाबरिया के बीच बातचीत हो चुकी है| कांग्रेस संगठन के जिन लोगों को निगम मंडल में नियुक्ति दी जाएगी, उनकी योग्यता का पैमाना भी तैयार कर लिया गया है|जल्द ही सूची आ जायेगी|

प्रदेश में आइफा अवार्ड के आयोजन को लेकर भाजपा द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने कहा कि यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है, जो कमलनाथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री है|
भाजपा जितना हल्ला मचाएगी उतना फायदा मिलेगा| भाजपा को पता ही नहीं है कि आईफा अवॉर्ड से कितना राजस्व मप्र को मिलेगा|

मोहन भागवत जहां जाते है वहां दंगे कराते है
संघ की समन्वय बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत के शामिल होने पर मानक अग्रवाल ने आरोप लगते हुए कहा कि मोहन भागवत जहां जाते है वहां दंगे कराते है| भोपाल आ रहे है, तो यहां की पुलिस, जिला प्रशासन के अधिकारियों को सतर्क रहने की जरूरत है|

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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