भोपाल। बीजेपी के शहडोल जिले के ब्योहारी से विधायक शरद कोल के मामले में राज्यपाल से शिकायत की गई है। बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से शिकायत की है कि शरद कोल का इस्तीफा दबाव में लिया गया था और स्वीकृत होने के पहले ही शरद कोल द्वारा इसे अस्वीकार करने के बारे में पत्र लिख दिया गया था, लेकिन अब विधानसभा अध्यक्ष पक्षपात कर रहे हैं और एक दल विशेष के कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे हैं।
आरोप लगाया गया कि एक दल विशेष के कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने के कारण अब विधायक को स्पीकर द्वारा परेशान भी किया जा रहा है क्योंकि विधानसभा अभी जागृत अवस्था में नहीं है इसलिए अध्यक्ष फैसले नहीं ले सकते और सचिवालय पर दबाव डालकर कुटिल फैसले लिए जा रहे हैं। इस मामले में राज्यपाल से शिकायत की गई है वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भी राज्यपाल की भूमिका को इस मामले में संदेह के घेरे में लाते हुए कहा कि अब आसंदी के प्रति सम्मान का भाव नहीं रहा है। वीडी शर्मा ने इसे हार्स ट्रेडिंग बताते हुए कानूनी राय लेने की बात कही , वहीं शरद कोल ने कहा कि कांग्रेस और विधानसभा अध्यक्ष दोनों का चेहरा सामने आ गया है और यह लोग आदिवासी विरोधी हैं। यह पूरा षड्यंत्र रचा गया था। मैं बीजेपी में था और मरते दम तक बीजेपी में ही रहूंगा।
ये भी पढ़ें
1मध्यप्रदेश स्थापना दिवस: PM मोदी का CM मोहन यादव को पत्र, गिनाईं MP की उपलब्धियां, विकास कार्यों की सराहना की, मुख्यमंत्री ने जताया आभार
2नई MSME औद्योगिक विकास कंपनी का होगा गठन, निजी निवेशक भी बना सकेंगे औद्योगिक पार्क, अनुदान देगी सरकार: मुख्यमंत्री मोहन
3MP News: एससी छात्रों के लिए 16 नए छात्रावास स्वीकृत, 68.80 करोड़ की लागत से बनेंगे, निर्माण कार्य 2 वर्ष में होगा पूरा
4मध्य प्रदेश मौसम पर अपडेट, 4 नवंबर तक बारिश का दौर, आज रीवा-सतना समेत 15 जिलों में अलर्ट, पारे में गिरावट
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है।