भारतीय मजदूर संघ का 71वां स्थापना दिवस आज, जानिए बीएमएस का इतिहास और श्रमिक आंदोलन में योगदान

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने श्रमिकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके अधिकारों और कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। भोपाल में स्थापित बीएमएस आज देश के सबसे बड़े श्रमिक संगठनों में शामिल है और श्रमिकों के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा तथा श्रम कल्याण से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाता रहा है।
Bharatiya Mazdoor Sangh

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आज भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) का 71वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन देश के संगठित और असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों के योगदान को सम्मान देने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में संगठन की विभिन्न इकाइयों द्वारा श्रमिक सम्मान कार्यक्रम, संगोष्ठियां, सदस्यता अभियान और श्रमिक अधिकारों से जुड़े आयोजन किए जा रहे हैं।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दिन की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि “भारतीय मजदूर संघ स्थापना दिवस की सभी श्रमिक भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। श्रम, कौशल और समर्पण से नए भारत के निर्माण में श्रमिकों की सहभागिता वंदनीय है। हर श्रमिक साथी के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।”

भारतीय मजदूर संघ का स्थापना दिवस

भारतीय मजदूर संघ की स्थापना 23 जुलाई 1955 को भोपाल में प्रख्यात श्रमिक नेता दत्तोपंत ठेंगड़ी ने की थी। संगठन का उद्देश्य श्रमिकों के हितों की रक्षा करते हुए उद्योग, श्रम और राष्ट्रहित के बीच संतुलन स्थापित करना रहा है। बीएमएस का मूल मंत्र है “राष्ट्र का औद्योगिकीकरण, उद्योग का श्रमिकीकरण और श्रमिकों का राष्ट्रीयकरण”। यह नारा वर्ग संघर्ष की बजाय सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण पर जोर देता है।

अपनी स्थापना के बाद से बीएमएस ने तेजी से प्रगति की। वर्ष 1967 तक इसके दो लाख से अधिक सदस्य और सैकड़ों यूनियनें सक्रिय हो चुकी थीं। 1989 में यह देश का नंबर एक श्रमिक संगठन बन गया और आज भी सरकारी सत्यापन में शीर्ष स्थान पर है। आज भारतीय मजदूर संघ देश के सबसे बड़े श्रमिक संगठनों में शामिल है। संगठन के साथ विभिन्न क्षेत्रों के लाखों सदस्य और हजारों संबद्ध यूनियन जुड़ी हुई हैं। बीएमएस सार्वजनिक, निजी, बैंकिंग, बीमा, परिवहन, ऊर्जा, निर्माण, कृषि, खनन और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से कार्य करता है।

श्रमिक आंदोलनों में महत्वपूर्ण योगदान

भारतीय मजदूर संघ ने श्रमिक आंदोलनों के माध्यम से उचित वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल, सामाजिक सुरक्षा, श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, कर्मचारी हितों की रक्षा और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकारों जैसे मुद्दों को लगातार उठाया है। संगठन ने विभिन्न उद्योगों और क्षेत्रों में श्रमिकों की मांगों को सरकार और नियोक्ताओं तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपने स्थापना दिवस पर भारतीय मजदूर संघ  श्रमिक कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल, कौशल विकास और श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करता है।  भारतीय मजदूर संघ का स्थापना दिवस देश के आर्थिक और औद्योगिक विकास में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देने और उनके अधिकारों, गरिमा, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के प्रति समाज एवं सरकार का ध्यान आकर्षित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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