भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के डीआईजी इरशाद वली के आदेश पर भोपाल शहर रेंज के 9 थाना प्रभारियों को इधर से उधर किया गया है।
निरी- चैनसिंह रघुवंशी को थाना प्रभारी चूनाभट्टी से हटाकर पिपलानी भेजा गया है।
निरी- राकेश वर्मा को प्रभारी जिविशा से थाना प्रभारी बिलखिरिया भेजा गया है।
निरी- लोकेंद्र सिंह ठाकुर को थाना प्रभारी बिलखिरिया से थाना प्रभारी चूनाभट्टी भेजा गया है।
निरी- चंद्रकांत पटेल को थाना प्रभारी छोलामंदिर से हटाकर थाना प्रभारी शाहपुरा भेजा गया है।
निरी- आशीष भट्टाचार्य को थाना प्रभारी शाहपुरा से हटाकर थाना प्रभारी छोला मंदिर भेजा गया है।
निरी- राकेश श्रीवास्तव को थाना प्रभारी पिपलानी से हटाकर थाना प्रभारी हबीबगंज भेजा गया है।
निरी- सत्याप्रकाश सक्सेना को थाना प्रभारी हबीबगंज से हटाकर थाना प्रभारी बैरसिया भेजा गया है।
निरी- अजय मिश्रा को थाना प्रभारी अपराध शाखा से हटाकर थाना प्रभारी बैरसिया भेजा गया है।
निरी- श्रीनिवास पांडे को थाना प्रभारी बैरिसया से हटाकर थाना प्रभारी अपराध शाखा भेजा गया है।
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Gaurav Sharma पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है।