चुनाव ड्यूटी से नदारद रहे अधिकारियों कर्मचारियों पर गिरेगी गाज, प्रशासन ने बनाई सूची, जल्दी होगा एक्शन

MP Election 2023

Bhopal News : शासकीय कर्मचारियों के लिए निर्वाचन का कार्य बहुत महत्वपूर्ण और गंभीर होता है, इसलिए इसमें लापरवाही करना नाकाबिले बर्दाश्त होता है, ये बात सभी शासकीय सेवक जानते हैं बावजूद इसके कुछ कर्मचारी अधिकारी  इसे नजरंदाज करते हैं ऐसे ही लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची भोपाल जिला प्रशासन ने बनाई है और अब जल्दी ही ऐसे शासकीय सेवकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

कई कर्मचारी रहे चुनाव ड्यूटी से नदारद, अब होगा एक्शन 

आपको बता दें कि भोपाल की सात विधानसभा सीटों पर निर्वाचन कार्य के लिए जिला प्रशासन ने करीब 18 हजार शासकीय अधिकारियों – कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी लेकिन इनमें से कई कर्मचारियों और अधिकारियों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई, इन शासकीय सेवकों ने ना तो चुनाव की ट्रेनिंग ली और न ही चुनाव में ड्यूटी की इतना ही नहीं इन कर्मचारियों – अधिकारियों ने गैर हाजिर रहने का कारण भी स्पष्ट नहीं किया और ना ही इसकी अनुमति ली।

जिला प्रशासन ने करीब 1000 शासकीय सेवकों की बनाई लिस्ट  

जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने ऐसे शासकीय सेवकों की जब जानकारी इकट्ठी की तो इनकी संख्या करीब 1000 निकली, कलेक्टर के निर्देश पर जिला प्रशासन ने चुनाव ड्यूटी से नदारद रहने वाले इन अधिकारियों – कर्मचारियों के नाम की लिस्ट तैयार कर ली है , माना जा रहा है कि अब जल्दी ही लापरवाह अधिकारियों- कर्मचारियों पर निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई संभव है, कलेक्टर का रुख देखकर ये भी तय माना जा रहा है कि अब किसी भी तरह का कोई भी बहाना वे नहीं सुनेंगे।

करीब 100 BLO पर गिर चुकी है गाज 

गौरतलब है कि अब तक 100 से अधिक कर्मचारियों पर प्रशासन कार्रवाई कर चुका है इनमें बीएलओ शामिल हैं जिनकी भूमिका चुनावों में सबसे महत्वपूर्ण होती है, मतदाता सूची तैयार करने से लेकर मतदाता पर्ची घर घर पहुँचाने का काम बीएलओ पर ही होता है लेकिन भोपाल जिले में चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात किये गए कई बीएलओ ने लापरवाही की जिसकी सजा उन्हें मिल चुकी है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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