भोपाल मेयर बोले- पहले आवेदन फिर निवेदन और ना माने तो करेंगे दे दनादन

भोपाल मेयर बोले- पहले आवेदन फिर निवेदन और ना माने तो करेंगे दे दनादन

भोपाल। राजधानी में आज नगर निगम के कांग्रेस और बीजेपी के पार्षद विकास कार्यो को लेकर एक दूसरे के आमने सामने थे। एक और महापौर आलोक शर्मा बीजेपी कार्यकर्ताओँ और पार्षदों के साथ आर्क ब्रिज के रूके हुए काम के विरोध में धरने पर बैठे थे, तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्षद शब्सिता आसिफ जकी ने महापौर पर गलत तरीके से काम करने का आरोप लगाते हुए उनका पुतला दहन कर डाला।

दरअसल राजधानी भोपाल में आर्च ब्रिज बनाया जा रहा है जो कि देश का पहला आर्च ब्रिज हैं जिसकी लागत 40 करोड़ के आसपास आंकी जा रही है, लेकिन 2016 से बन रहे इस ब्रिज का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है..साथ ही इस ब्रिज के पास ही रानी कमलापति की मूर्ति को स्थापित किया गया है जिसका लोकापर्ण भी अटका हुआ है।आज इन्ही मुद्दों को लेकर महापौर आलोक शर्मा धरने पर बैठ गए।

इस मौके पर महापौर ने कहा सरकार की तरफ से ब्रिज को पूरा नहीं होने दिया जा रहा है। राज्य सरकार की तरफ से नगर निगम को फंड नहीं दिया जा रहा है।इसके चलते विकास कार्य रुक रहे हैं।आलोक शर्मा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 72 घंटों में कांग्रेस के नेताओं ने ब्रिज का लोकार्पण नहीं किया तो वह प्रोटोकॉल के अनुसार इस ब्रिज का लोकार्पण कर देंगे और साथ ही कांग्रेस के नेताओं के घर घेराव करेंगे।पहल निवेदन करेंगे और बात नहीं मानी गई तो फिऱ दनादन भी करेंगे।

तो वही इस ब्रिज के निर्माण में एक रुकावट भी सामने आ रही है। पुराने भोपाल और नए भोपाल को जोड़ने के लिए नगर निगम वन वे आर्च ब्रिज का निर्माण छोटे तलाब में करवा रहा है। ब्रिज पॉलिटेक्निक चौराहे की ओर जा रही सड़क पर कनेक्ट होगा।लेकिन कुछ मकान इस ब्रिज के कारण टूट रहे हैं, जिसके विरोध में आज इस वार्ड की पार्षद ने महापौर आलोक शर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की साथ ही जहां महापौर धरने पर बैठे थे वहीं उनका पुतला भी दहन किया। पार्षद का आरोप है कि जिस जगह से ब्रिज को मेन रोड से कनेक्ट किया जा रहा है वहां बीच में कब्रिस्तान है और लोगों के घर हैं, जिन्हे तोडकर लोगो के विकास करने की बात की जा रही है।आलोक शर्मा लोगों के रोजगार छीनने का काम कर रहे हैं।सिर्फ अपने नाम की नेम प्लेट लगवाने के लिए यह सब किया जा रहा है।

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