भोपाल में ऑनलाइन बुकिंग ऐप के खिलाफ टैक्सी ड्राइवरों का विरोध प्रदर्शन, ओला-उबर पर शोषण आरोप लगाते हुए सरकार से की ये मांगें

हजारों की संख्या में इकट्ठे ट्रैक्सी चालकों ने सरकार से मांग की है कि इन प्राइवेट कंपनियों पर कलेक्टर रेट के आधार पर किराया देने का नियम लागू किया जाए। इसी के साथ उन्होंने कहा कि सरकार को अपना ऐप निकालना चाहिए जिससे उन्हें इन कंपनियों के शोषण से मुक्ति मिल सके।
Bhopal cab drivers Protest against Ola and Uber

भोपाल में आज टैक्सी और ऑटो चालकों ने ऑनलाइन बुकिंग ऐप्स ओला, उबर और रैपिडो के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। भोपाल टैक्सी यूनियन के बैनर तले सैकड़ों टैक्सी ड्राइवरों ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध जताया। इनका कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग ऐप्स द्वारा उनसे भारी कमीशन वसूला जा रहा है, जिसके कारण उन्हें लगातार घाटे का सामना करना पड़ रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि इन प्राइवेट कैब बुकिंग ऐप पर भी सरकारी रेट लागू किए जाए और उन्हें उनके हक का मेहनताना मिले। ड्राइवरों ने ये माँग भी रखी कि सरकार अपना ऐप निकाले जिससे उन्हें इन शोषणकारी प्राइवेट एप्स के चंगुल से छुटकारा मिल सके।

टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों का विरोध प्रदर्शन

ऑनलाइन बुकिंग ऐप्स द्वारा वसूले जाने वाले कमीशन और कम फेयर को लेकर आज भोपाल टैक्सी यूनियन के बैनर तले हजारों ड्राइवर्स ने इकट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया। इनका कहना था कि ओला, उबर और रेपिडो द्वारा लगातार इनका शोषण किया जा रहा है। ड्राइवरों की शिकायत है कि हर मौसम और स्थिति में वो कई किलोमीटर तक सवारियों का पिकअप करने जाते हैं लेकिन उन्हें पिक करने के कोई पैसे नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि ‘हम तीन किलोमीटर पिकअप करने जाते हैं दस किलोमीटर छोड़ने जाते हैं। लेकिन फेयर सिर्फ 120-130 बनता है।’ इन्होंने मांग की कि कलेक्टर रेट के हिसाब से कैब का किराया बढ़ाया जाए। इनका कहना था कि कम से कम बीस रूपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से फेयर बढ़ना चाहिए।

सरकार से की ये मांगें

प्रदर्शनकारी ड्राइवरों का कहना है कि ये प्राइवेट कंपनियां न तो उन्हें सही किराया देती है न ही कोई और सुविधाएं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में ओला कंपनी का कोई कस्टमर केयर ऑफिस नहीं है। ऐसे में किसी भी तरह की परेशानी होने पर ड्राइवरों को कोई सहायता नहीं मिलती है। इनकी प्रमुख मांगों में किराया बढ़ाना सबसे ऊपर है। इनका कहना है कि ओला उबर कलेक्टर रेट नहीं देती है। वो सिर्फ 8-9 रूपए प्रति किलोमीटर का रेट देती है जबकि कलेक्टर रेट इससे कहीं ज्यादा है और वो लागू किया जाए। इन्होंने माँग की कि इन बेलगाम कंपनियों पर लगाम लगाई जाए। उन्होंने ये मांग भी की कि सरकार अपना ऐप निकाले और सभी ड्राइवरों के लिए गवर्नमेंट रेट के अनुसार किराया लागू करे दें। उन्होंने कहा कि प्राइवेट कंपनियां उनके साथ देश का भी शोषण कर रही हैं और वो चाहते हैं कि सरकार इस दिशा में कोई कारगर कदम उठाए। भोपाल टैक्सी यूनियन के जिला संगठन मंत्री अजय खनोडिया ने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गई तो वो आने वाले समय में जंगी प्रदर्शन करेंगे।

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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