मध्य प्रदेश में लागू हुई केंद्र की बड़ी योजना, गरीबों को होगा अब ये फायदा

नरोत्तम मिश्रा

भोपाल

मध्य प्रदेश की सरकार (MP Government) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की महत्वाकांक्षी योजना “वन नेशन,वन राशन” (one nation,one ration) योजना से जुड़ गई है। मध्यप्रदेश इस योजना से जुड़ने वाला बीसवां राज्य है और 31 अगस्त तक केन्द्र सरकार का लक्ष्य है कि कुल 23 राज्यों की 87 करोड़ जनता को इससे जोड़ दिया जाए। इसके साथ ही अगले वर्ष पूरे देश की गरीब जनता इस योजना के माध्यम से जुड़ जाएगी। सीएम शिवराज (CM Shivraj) की मंत्रियों के साथ हुई बैठक मे मंगलवार को इस योजना पर मोहर लगाई गई।

मध्य प्रदेश सरकार के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री (home and helth minister) डॉ नरोत्तम मिश्रा (dr.narottam mishra) ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के माध्यम से अब कोई भी गरीब राशन कार्ड धारी पूरे देश में इन बीस राज्यों से कहीं भी राशन ले सकेगा। उदाहरण के लिए यदि मध्य प्रदेश का कोई गरीब व्यक्ति गुजरात में मजदूरी कर रहा है तो उसे वहीं पर राशन मिल जाएगा। दरअसल हाल ही में अप्रवासी मजदूरों की समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना को लागू किया है। नरोत्तम ने यह भी बताया कि इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गुजरात मे रह रहे मध्यप्रदेश के मजदूरों से और मध्य प्रदेश के कई स्थानों पर रह रहे बाहरी राज्यों के मजदूरों से बात कर उनसे योजना के बारे में बात की है।

क्या है वन नेशन,वन राशन योजना

वन नेशन वन राशन एक महत्वकांक्षी योजना है, जिसके माध्यम से देश के गरीबों को राशन कार्ड के जरिए कहीं भी अनाज मिल सकता है। इस योजना से प्रवासी मजदूरों को सबसे अधिक फायदा मिलेगा। इस योजना को लागू करने के लिये राज्य सरकार की सहमति जरूरी है। देश में अभी तक बीस राज्यों ने इसके लिए सहमति दी है। अन्य राज्य भी जल्द ही अपनी सहमति प्रदान कर सकते हैं, यह माना जा रहा है।

इस योजना का लाभ लेने के लिए दो चीजों की जरूरत है। पहला राशन कार्ड और दूसरा आधार कार्ड। राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कराकर वैरिफिकेशन किया जायेगा और इसी आधार पर देश में किसी भी हिस्से में हितग्राही संबंधित राशन ले सकता है। हर राशन की दुकान पर अब ऑनलाइन इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगा होगा, जिससे अनाज लेने वाले का प्रमाणीकरण किया जायेगा।

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