अच्छी खबर, सीएम मोहन यादव संबल योजना के तहत 175 करोड़ रुपए की राशि करेंगे ट्रांसफर, हितग्राहियों को मिलेगा लाभ

प्रदेश सरकार द्वारा प्रारंभ से अब तक 1 करोड़ 77 लाख से अधिक श्रमिकों का संबल योजना के अंतर्गत पंजीयन किया गया है, पंजीयन प्रक्रिया निरंतर जारी है।
CM Mohan Yadav Sambal Yojana

CM Mohan Yadav Sambal Yojana

संबल योजना के हितग्राहियों के लिए अच्छी खबर है, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मंगलवार 9 सितम्बर को संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 7953 प्रकरणों में 175 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक से हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

संबल योजना के अंतर्गत प्रारम्भ से अब तक 7 लाख 60 हजार 866 प्रकरणों में 7046 करोड़ रुपये से अधिक के हितलाभ वितरित किये जा चुके है। संबल योजना, प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। अनुग्रह सहायता के अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये एवं आंशिक स्था‍यी अपंगता पर 1 लाख रुपये और अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रुपये प्रदान किये जाते हैं।

गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स का पंजीयन प्रारंभ

भारत सरकार के नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबंल योजना में सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के सभी लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं।

निर्माण श्रमिकों के लिए भी कई योजनायें संचालित 

राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनाएँ भी संचालित की जाती हैं। इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है। अब वे भी 5 लाख रूपये वार्षिक नि:शुल्क चिकित्सा प्राप्त कर रहे है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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