भोपाल। मध्यप्रदेश के सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सिद्धांत की राजनीति करने की बात कही है। उन्होने कहा कि क्या हमारी पहचान भोपाल गैस ट्रैजडी से होगी, माफियाराज से होगी या ऐसी राजनीति से होगी जिससे हमें दूर रहना चाहिए।
कमलनाथ भोपाल में यादव समाज के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होने कहा कि हमारे राजनीति में भी कोई भी दल हो लेकिन उसे सिद्धांत की राजनीति करनी चाहिये। इन दिनों हमारे हमारी राजनीतिक मूल्यों मे गिरावट आई है लेकिन हम उसे कायम रखने के लिये प्रतिबद्ध हैं। हालिया राजनीतिक हलचल का जिक्र किये बिना उन्होने कहा कि सब सोचते हैं कि राजनीति में है तो वो व्यक्ति बिकाऊ है, दबाव में झुक जाते हैं लेकिन हमें ऐसी मिसाल कायम करनी है कि ये धारणा बदल जाए।
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सीएम कमलनाथ ने कहा कि वो चाहते हैं कि देश भर में मध्यप्रदेश की ये छवि बने कि यहां के राजनेता बिकाऊ नहीं हैं और हम गर्व से कह सकें कि हम उस प्रदेश से हैं जहां सिद्धांत और सेवा की राजनीति होती है हैं।
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Gaurav Sharma पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है।