सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर फिर शुरू होगा कैलारस शक्कर कारखाना, अतिरिक्त जमीन पर बनेगा नया औद्योगिक क्षेत्र

कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने इसकी जानकारी दी। MSME विभाग देश के बड़े शक्कर मिल संचालकों से EOI बुलाएगा। मिल के लिए जरूरी जमीन छोड़कर शेष भूमि पर विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र।
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मुरैना जिले के लंबे समय से बंद कैलारस शक्कर कारखाने को फिर शुरू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर कारखाने को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके लिए MSME विभाग जल्द ही देश के बड़े शक्कर मिल संचालकों से प्रस्ताव (EOI) आमंत्रित करेगा। वहीं मिल के लिए जरूरी जमीन के बाद बची अतिरिक्त भूमि पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा।

कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि 19 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में कैलारस शक्कर कारखाने की जमीन MSME विभाग को सौंप दी गई है। सरकार का फोकस कारखाने को दोबारा शुरू करने के साथ क्षेत्र में नए उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है।

बड़े शक्कर मिल संचालकों से मांगे जाएंगे प्रस्ताव

एंदल सिंह कंसाना के मुताबिक MSME विभाग जल्द ही देश के बड़े शक्कर मिल संचालकों से Expression of Interest (EOI) आमंत्रित करेगा। इसके जरिए कारखाने के संचालन के लिए प्रस्ताव लिए जाएंगे और उसके आधार पर आगे की प्रक्रिया बढ़ेगी।

मिल को संचालित करने के लिए जितनी जमीन की जरूरत होगी, उसे कारखाने के लिए रखा जाएगा। इसके बाद बचने वाली अतिरिक्त जमीन पर MSME विभाग नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करेगा। इससे कैलारस और आसपास के इलाकों में दूसरे उद्योगों की स्थापना का रास्ता भी खुलेगा।

गन्ने का उत्पादन बढ़ाने पर भी होगा काम

शक्कर कारखाना शुरू होने के साथ क्षेत्र में गन्ने की उपलब्धता बढ़ाने की भी तैयारी है। कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि विभाग कैलारस और आसपास के क्षेत्रों में गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करेगा।

सरकार का मानना है कि मिल दोबारा शुरू होने से स्थानीय किसानों को गन्ने के लिए बाजार मिलेगा। वहीं कारखाने और प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने और क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

लंबे समय से बंद कारखाने को शुरू करने की रही है मांग

कैलारस शक्कर कारखाना लंबे से समय से बंद है और इसे फिर से शुरू करने की मांग क्षेत्र में लगातार उठती रही है। अब कैबिनेट के फैसले के बाद जमीन MSME विभाग को सौंपे जाने और बड़े शक्कर मिल संचालकों से प्रस्ताव बुलाने की तैयारी के साथ कारखाने को दोबारा चालू करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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