भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होने 3 मार्च 2020 से प्रदेश में प्रारंभ हुए राजनीतिक घटनाक्रम का सिलसिलेवार ब्योरा देते हुए कांग्रेस विधायकों की सुरक्षा को लेकर चिंता ज़ाहिर की है। कमलनाथ ने गृहमंत्री को लिखा है कि बेंगलुरू में कांग्रेस के 22 विधायकों को बंदी बनाकर रखा गया है। उन्होने गृहमंत्री में मांग की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए इन विधायकों को मध्यप्रदेश में सुरक्षित वापस लौटने में सहायता करें।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने लंबे पत्र में लिखा है कि बेंगलुरू में उनके 22 विधायकों को बंधक बनाकर रखा गया है और प्रदेश में बीजेपी फ्लोर टेस्ट की मांग कर रही है, जो सर्वधा अनुचित है। उन्होने लिखा है कि अगर उनके 22 विधायकों की रिहाई हो जाती है तो वो सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें पुख्त सुरक्षा मुहैया कराकर विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत किया जाए जहां वे निडर होकर अपनी बात रख सकेंगे। इस पूरे प्रकरण में सीएम ने गृहमंत्री से उनकी शक्तियों का उपयोग करते हुए विधायकों की वापसी में सहयोग करने की मांग की है।
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Gaurav Sharma पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है।