सहकारी बैंकों-समितियों के कर्मियों को मिल सकता है तोहफा

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भोपाल। प्रदेश के सहकारी बैंकों, सहकारी समितियों में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारिय़ों को केरल की तर्ज पर पेशन देने की तैयारी है। इसके लिए प्रदेश के अफसरों का एक दल केरल की पेंशन व्यवस्था का अध्ययन करके वापस आ गया है। जल्द ही ये फार्मूला लागू किय़ा जाएगा। यह फार्मूला लागू हुआ तो इन कर्मचारियों को अंतिम वेतन की आधी राशि पेंशन के रूप में मिल सकेगी।

प्रदेश के सहकारी बैंकों और समितियों में वर्तमान में प्रावीडेंड फंड आधारित पेंशन प्रदाय की जा रही है। केवल 2005 के पहले के कर्मचारियों को पूर्व की तरह पेंशन मिल रही है। प्रावीडेंड फंड में कर्मचारी के बाहर फीसदी अंशदान में से 8.33 फीसदी राशि पेंशन फंड में जमा की जाती है। अभी कर्मचारियों को ईपीएफ आधारित रेंशन प्रदाय की जा रही है। इससे उन्हें काफी कम पेंशन मिलती है। कर्मचारियों की मांग पर सहकारिता विभाग ने केरल में सहकारी बैंकों और समितियों को दी जा रही पेंशन के फार्मूले का अध्ययन करने विभाग के अफसरों का तीन सदस्यीय दल भेजा था। वह दल अध्ययन करके लौट आया है। दल ने अभी अपनी रिपोर्ट विभाग को नहीं सौंपी है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उच्च स्तर पर चर्चा के बाद इसे लागू किय़ा जाएगा।

यह होगा केरल फार्मूला
केरल में सहकारी बैंकों और सहकारी संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय जो अंतिम वेतन दिया जाता है उसकी आधी राशि पेंशन के रूप में दी जाती है। इसी फार्मूले पर प्रदेश के कर्मचारियों को भी पेंशन प्रदाय की जाएगी। इसके लिए एक अलग पेंशन फंड बनाया जाएगा। उसमें कर्मचारी और नियोक्ता का अंशदान हर माह जमा किया जाएगा।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

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