कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की दावोस यात्रा को लेकर किए सवाल, उमंग सिंघार ने पूछा ‘निवेश आएगा या सिर्फ दिखावा किया जाएगा’

नेता प्रतिपक्ष ने दावोस में भारतीय कंपनियों के साथ होने वाले समझौतों पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जब कंपनियां देश की हैं तो विदेश जाकर एग्रीमेंट करने की क्या जरूरत है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि विदेश से आने वाले निवेश के नाम पर घरेलू कंपनियों को आगे कर प्रचार के जरिए विदेशी निवेश का भ्रम पैदा किया जा रहा है।
Umang Singhar

एक तरफ बीजेपी सरकार लगातार मध्यप्रदेश में निवेश लाने के दावे कर रही है, अलग अलग स्थानों पर इन्वेस्टमेंट समिट आयोजित किए जा रहे हैं, देश विदेश के दौरे हो रहे हैं…इस बीच कांग्रेस ने निवेश को लेकर सरकार से सवाल किए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूछा है कि क्या मुख्यमंत्री जी वास्तव में मध्यप्रदेश में निवेश ला पाएंगे।’ उन्होंने पूछा कि प्रदेश की जनता जानना चाहती है बीमारू कहे जाने वाले मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश कब बनाया जाएगा।

सीएम मोहन यादव 18 से 23 जनवरी तक स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में शामिल होने जा रहे हैं। वे वहां मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों की जानकारी देंगे। इस दौरे को लेकर उमंग सिंघार ने कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि कई भारतीय कंपनियों के साथ दावोस में एग्रीमेंट किया जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि देश की कंपनियों के साथ विदेश में समझौते करने की क्या आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री की दावोस यात्रा

बीजेपी सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दावोस यात्रा मध्यप्रदेश को वैश्विक स्तर पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और यात्रा का मुख्य उद्देश्य एमपी को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना है। लेकिन कांग्रेस अब इस यात्रा को लेकर सवाल उठा रही है।

उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल 

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में निवेश लाने के नाम पर दावोस जैसे विदेशी मंचों का उपयोग करके सिर्फ दिखावा किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि उनकी जानकारी के अनुसार दावोस में अडानी, इंडियन ऑयल समेत कई भारतीय कंपनियों के साथ समझौते किए जाएंगे। लेकिन जब ये कंपनियां देश की हैं, तो ऐसे समझौते को भारत में ही क्यों नहीं किए जा रहे हैं। उमंग सिंघाने आरोप लगाया है कि विदेशी निवेश न मिलने की स्थिति में देशी कंपनियों को विदेश ले जाकर ही समझौते किये जा रहे हैं, ताकि यह दिखाया जा सके कि प्रदेश में विदेशी निवेश लाया गया है। उन्होंने सवाल किया कि प्रदेश की जनता जानना चाहती है बीमारू कहे जाने वाले मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश कब बनाया जाएगा।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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