तीन साल से अटकी हुई थी ‘आरक्षक भर्ती’, गृहमंत्री ने मंत्रालय से फाइल बुलाकर दी स्वीकृति

तीन साल से अटकी हुई थी ‘आरक्षक भर्ती’, गृहमंत्री ने मंत्रालय से फाइल बुलाकर दी स्वीकृति

भोपाल| कोरोना संकट (Corona Crisis) के बीच मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है| पुलिस महकमें में पिछले तीन साल से अटकी आरक्षकों की भर्ती (Recruitment of Constables) को सरकार ने हरी झंडी दे दी है| पुलिस महकमें में जल्द ही 4269 पुलिस आरक्षकों की भर्ती की जाएगी। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने आरक्षकों के रिक्त पदों की फाइल मंत्रालय से बुलाकर स्वीकृति प्रदान की।

गृह मंत्री डॉ. मिश्रा शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में विभागीय समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिये विभागीय अधिकारी पूरी सजगता और तत्परता से कार्य करें। साइबर क्राइम कन्ट्रोलिंग टेक्नीक को उन्नत बनाया जाये और सोशल मीडिया सेल को सशक्त करें। उन्होंने कहा कि विभाग में आरक्षकों के रिक्त पदों की पूर्ति शीघ्र की जाये साथ ही विभागीय अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया नियमानुसार प्रारंभ की जाये। गृहमंत्री डॉ मिश्रा ने पुलिस महानिदेशक विवेक जोहरी को पुलिस आरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देष दिये। इसके अलावा ग्रह मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि आर्मी की तर्ज पर पुलिस हॉस्पिटल बनाने का प्रस्ताव प्रस्तुत करें।

पीपीपी मोड में पुलिस हॉस्पिटल बनाने का प्रस्ताव बनेगा
मंत्री डॉ. मिश्रा ने पुलिस विभाग के कर्मचारियों के उपचार के लिये चिंता करते हुए पीपीपी मोड़ सर्वसुविधायुक्त पुलिस हॉस्पिटल के निर्माण के लिये प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आर्मी की तरह पुलिस हॉस्पिटल में आरक्षक से लेकर गृह मंत्री और पुलिस महानिदेशक अपना उपचार करा सकेंगे। डॉ. मिश्रा ने कहा कि पुलिस हॉस्पिटल निर्माण में वरिष्ठ स्तर पर जो भी आवश्यकता होंगी, उसमें पूरा सहयोग किया जायेगा। इसके निर्माण से पुलिस विभाग के कर्मचारियों को उपचार के लिये सहज सुलभ सुविधा प्राप्त हो जायेगी।

साइबर क्राइम कन्ट्रोलिंग टेक्नीक को उन्नत करेंगे
मंत्री डॉ. मिश्रा ने अपराधों के बदलते तौर तरीकों से निपटने के लिये तकनीक को और उन्नत करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने साइबर क्राइम कन्ट्रोलिंग टेक्नीक और सोशल मीडिया सेल को सशक्त करने के लिये आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये। डॉ. मिश्रा ने कहा कि यदि पूर्व से प्रक्रिया प्रचलन में है तो उसकी प्रगति से शीघ्र अवगत कराया जाना सुनिश्चित करें। पुलिस आधुनिकीकरण के लिये आवश्यक बजटीय प्रावधान के लिये पुलिस महानिदेशक के साथ मिलकर वित्त विभाग से चर्चा की जायेगी।

बैठक में गृह मंत्री डॉ. मिश्रा द्वारा केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल का हेड क्वाटर सिंगरौली से भोपाल किये जाने, भोपाल की फायरिंग रेंज को बालमपुर की नवीन फायरिंग रेंज में स्थानान्तरित करने के लिये आवश्यक बजटीय स्वीकृति, प्रदेश में पुलिस बल बढ़ाये जाने के लिये गृह मंत्रालय से स्वीकृति प्राप्त किये जाने के लिये आवश्यक कार्यवाही हेतु सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। समीक्षा बैठक में विशेष महानिदेशक विजय यादव, अतिरिक्त महानिदेशक अजय शर्मा, अशोक अवस्थी, अन्वेष मंगलम और पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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