कौन हैं ये और क्यों इनकी तस्वीर हो रही है वायरल…

कौन हैं ये और क्यों इनकी तस्वीर हो रही है वायरल…

अगर आप लॉकडाउन के कारण घर में बैठे-बैठे बोर हो रहे है, तो जरा इस तस्वीर को देखिए. ये फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. इन फोटो के पीछे की कहानी जानकर आपको ये अहसास हो जाएगा कि कोरोना वॉरियर्स किन परेशानियों से जूझ रहे हैं और घर में बैठकर बोर होना तो इनकी परेशानी के सामने कुछ भी नहीं है.

ये तस्वीर भोपाल के सीएमएचओ डॉ सुधीर डेहरिया की है. डॉ डेहरिया पिछले कई दिनों से लगातार कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे हैं. हालत ये है वे पिछले एक हफ्ते से अपने घर भी नहीं जा सके हैं. जाहिर है कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज कर रही मेडिकल टीम को संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है. ऐसे में एक सप्ताह बाद जब डॉक्टर डेहरिया अपने घर पहुंचे तो उन्होंने घर के अंदर जाने के बजाय संक्रमण के मद्देनजर घर के बाहर बैठना ही मुनासिब समझा.

घर के बाहर बैठकर ही उन्होंने अपने पत्नी के हाथ से चाय पी, अपने बच्चों को दूर से ही देखा और बात की. ये तस्वीर उसी दौरान ली गई. अब ये तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी डॉ डेहरिया और उनके जैसे कर्तव्यपरायण लोगों के जज्बे को सलाम किया है.

डॉक्टर डेयरिया जैसे सैकड़ों लोग हैं जो आज खुद को खतरे में डालकर भी अपनी कर्तव्य पूरा करने में जुटे हैं. इनमें डॉक्टर, नर्स, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी, पत्रकार और अन्य जरुरी सेवाओं से जुड़े सभी लोग शामिल है. वायरल हो रही ये तस्वीर घर में बैठे लोगों को ये अहसास करती है कि कोरोना वॉरियर्स उनके लिए ही खतरा मोल ले रहे हैं लिहाजा इस जंग में उनका सहयोग करना निहायत ही जरूरी है.

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews