कॉलेज की ऑनलाइन परीक्षाओं पर फैसला कल! मुख्यमंत्री का ट्वीट डिलीट

कॉलेज की ऑनलाइन परीक्षाओं पर फैसला कल! मुख्यमंत्री का ट्वीट डिलीट

भोपाल। मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) में स्नातक अंतिम वर्ष व स्नातकोत्तर चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं ऑनलाइन (College exam online) आयोजित कराये जाने का फैसला सरकार ने होल्ड रखा है| आज रविवार को ही मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने ट्वीट कर परीक्षाएं ऑनलाइन कराये जाने की घोषणा की थी|

दरअसल, कोरोना काल में स्नातक अंतिम वर्ष व स्नातकोत्तर चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं नहीं हो पाई थी| इसको लेकर रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज ने ट्वीट कर कहा था कि “मेरे बच्चों, शिक्षा से ही समृद्ध और सशक्त भविष्य का निर्माण होगा। मैंने स्नातक अंतिम वर्ष और स्नातकोत्तर के चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं ‘ऑनलाइन’ कराने का निर्णय लिया है। तुम कड़ी मेहनत करो। यह तुम्हारे बेहतर कल के लिए जरूरी है। तुम सफल हो, मेरी शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं।”

ऑनलाइन परीक्षाओं को लेकर फैसले पर कोई पेंच फंस गया है| देर शाम मुख्यमंत्री शिवराज ने भी अपना ट्वीट डिलीट कर दिया| जनसम्पर्क विभाग की और सूचना प्राप्त हुई है कि इस सम्बन्ध में अभी निर्णय नहीं हुआ है| संभवतः सोमवार को इसको लेकर निर्णय होगा|

कांग्रेस ने साधा निशाना
मध्य प्रदेश कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री शिवराज के ट्वीट डिलीट करने पर निशाना साधा है|

https://twitter.com/NarendraSaluja/status/1287401490458370048

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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