प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी के बीच फ्लोर टेस्ट की मांग?

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भोपाल. मध्यप्रदेश में सियासी उथल-पुथल में तेजी आई है। कांग्रेस ने बीजेपी पर उनके विधायक को बंधक बनाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि सरकार को समर्थन दे रहे विधायकों को दिल्ली ले जाया जा रहा है जहां उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है। सियासी ड्रामे के बीच प्रदेश कांग्रेस की मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने बीजेपी को बड़ी चुनौती दी है। शोभा का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को विधायकों को कब्जे में लेने के बजाए ‘फ्लोर टेस्ट’ करवाना चाहिए, जिसके लिए राज्य की कांग्रेस सरकार तैयार है।

दरअसल, सुबह से मचे सियासी बवाल के बाद शोभा मुख्यमंत्री आवास पहुंची थी, वहां से बाहर निकलने के बाद जब मीडिया ने उन्होंने सवाल किया तो उन्होंने भाजपा पर तंज कसते  भारतीय जनता पार्टी को डरने की जरूरत नहीं है उन्हें फ्लोर टेस्ट करवाना चाहिए जिसके लिए कमलनाथ सरकार तैयार है।  बाहुबलियों के खिलाफ करवाई करने पर सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन कमलनाथ सरकार को इससे कोई भी खतरा नहीं है।

ओझा इतने पर भी नही रुकी और आगे कहा कि भाजपा सबसे ही धन बल की राजनीति करती आई है और उन्होंने लोकतंत्र का गला घोटने का प्रयास भी किया है। रामबाई का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि एक वीडियो में यह साफ दर्शाया जा रहा है कि भाजपा नेता उन्हें जबरन रोके हुए हैं लेकिन मध्यप्रदेश में इस तरह की राजनीति हम नहीं चलने देंगे।

बताते चलें कि इस विषय पर बहुत से नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं जिसमें जीतू पटवारी का नाम भी शामिल है जीतू पटवारी ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंत्री नरोत्तम मिश्रा और भूपेंद्र सिंह तथा रामपाल सिंह सहित अन्य बीजेपी नेता अपने धर्म के साथ हरियाणा के एक होटल में 8 विधायकों को जबरन बंदी बनाए बैठे हैं। इस तरह की राजनीति सरकार को अस्थिर कर कार्यवाही को समाप्त करने की है।

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निदेशक और संपादक

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