MP में पहली बार कल होगी ‘वर्चुअल कैबिनेट मीटिंग’, कहीं से भी शामिल हो सकते हैं Ministers

cabinet meeting

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में बेकाबू होते जा रहे कोरोना के चलते वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कामकाज का बड़ा माध्यम बना है| अब तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह (Shivraj Singh Chauhan) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अलग अलग जिलों में बैठे अफसरों को निर्देश दे रहे थे| अब प्रदेश में पहली बार केबिनेट मीटिंग वर्चुअल (Virtual Cabinet Meeting) होने जा रही है|

प्रदेश में पहली बार 28 जुलाई को सुबह 11 बजे से केबिनेट मीटिंग वर्चुअल होगी। केबिनेट मीटिंग में मंत्रि-मण्डल के सदस्य कहीं से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हो सकते हैं। वर्चुअल केबिनेट मीटिंग के संबंध में 28 जुलाई की सुबह 9.30 बजे ट्रायल रन होगा। मंत्रि-मण्डल के सदस्यों को वर्चुअल केबिनेट मीटिंग के संबंध में पूरी जानकारी दे दी गयी है।

गौरतलब है प्रदेश में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है, शिवराज कैबिनेट भी इससे बच नहीं पाई है| पहले एक कैबिनेट मंत्री और फिर खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं| कई मंत्री होम क्वारंटाइन हैं। वहीं, कुछ क्षेत्र के दौरे पर हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री के संपर्क में आए अधिकारी भी होम क्वारंटाइन हैं। वहीं, भोपाल में चार अगस्त तक पूरी तरह लॉकडाउन किया गया है। जिसके चलते कैबिनेट की बैठक वर्चुअल होगी| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भोपाल के चिरायु अस्पताल में भर्ती हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews