पूर्व सीएम कमलनाथ का BJP सरकार पर हमला, कहा- किसानों के लिए संकट साबित हो रहा शासन

कमलनाथ ने कहा मेरे मुख्यमंत्री कार्यकाल में कांग्रेस सरकार ने 27 लाख किसानों का कर्ज़ माफ़ किया था। अगर यह कर्ज माफ़ी आगे भी जारी रहती तो किसान इस तरह के कर्ज संकट में नहीं फँसता।
Former CM Kamal Nath

Former CM Kamal Nath

मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ( BJP government) किसानों के लिए कई योजनायें चला रही है, उनकी आय दोगुनी करने का प्रयास कर रही है, प्रदेश सरकार दावा करती है कि उसके शासन में किसान खुशहाल है लेकिन कांग्रेस इन दावों को सही नहीं मानती बल्कि सरकार पर किसानों की बदहाली के आरोप लगाती है अब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने एक अख़बार की कटिंग के हवाले से सरकार को किसानों के लिए संकट कहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज X पर एक अख़बार की कटिंग को शेयर करते हुए मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है, कमलनाथ ने लिखा- “मध्य प्रदेश में पिछले दो दशक से चल रहा भाजपा का शासन किसानों के लिए बहुत बड़ा संकट साबित हो रहा है।”

बढ़ रहा है किसानों पर कर्ज का बोझ 

उन्होंने लिखा-  प्रदेश के किसान की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि मासिक आमदनी के मामले में वह देश में 23वें नंबर पर पहुँच गया है। प्रदेश के किसान की औसत मासिक आय 8339 रुपया रह गई है। दूसरी तरफ़ किसानों पर कर्ज़ का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

कांग्रेस सरकार ने किसानों का कर्जा माफ किया

कमलनाथ ने कहा किसानों के इन हालातों के लिए भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूरी तरह दोषी है। यह भाजपा की सरकार ही है जिसने कांग्रेस सरकार के समय शुरू की गई कर्ज़ माफ़ी की योजना को बंद कर दिया। मेरे मुख्यमंत्री कार्यकाल में कांग्रेस सरकार ने 27 लाख किसानों का कर्ज़ माफ़ किया था। अगर यह कर्ज माफ़ी आगे भी जारी रहती तो किसान इस तरह के कर्ज संकट में नहीं फँसता।

गेहूं और धान की MSP को लेकर लगाये आरोप 

पूर्व सीएम ने कहा गेहूं और धान पर जो न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा भाजपा ने विधानसभा चुनाव में किया था, वह भी आज तक पूरा नहीं किया। अपनी ज़्यादातर फसलों के लिए मध्य प्रदेश का किसान सरकार की तरफ़ से घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त करने के लिए परेशान होता रहता है।

नकली खाद और बीज किसानों के लिए संकट 

कांग्रेस नेता ने कहा, खाद और बीज के लिए किसान का लगातार परेशान होता रहना मध्य प्रदेश में आम बात हो गई है। नक़ली खाद और बीज किसान के संकट को और ज़्यादा बढ़ा देते हैं। ज़रूरत इस बात की है कि खोखले वादे और प्रायोजित पुरस्कार झटकने के बजाय मध्य प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिए ठोस योजना बनाए और पहले से लिए गए वादों पर अमल करे।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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