छात्रवृत्ति बंद करने जा रही है सरकार, 15 लाख छात्रों को लगेगा झटका

छात्रवृत्ति बंद करने जा रही है सरकार, 15 लाख छात्रों को लगेगा झटका

भोपाल। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार अपना खाली खजाना भरने के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के पहली से आठवीं कक्षा के छात्रों का वजीफा बंद कर सकती है। ऐसा करने से सरकार को सालाना 200 करोड़ की बचत होगी। जिसके लिए आदिमजाति कल्याण और पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अफसरों में सहमति बन गई है। साथ ही इस प्रस्ताव से वित्त विभाग भी सहमत है। अब प्रस्ताव तीनों विभागों के मंत्रियों और फिर मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। उनकी मंजूरी के बाद आठ कक्षाओं तक करीब 15 लाख छात्रों का वजीफा बंद हो जाएगा। सरकार के इस निर्णय को आर्थिक तंगी से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार पिछले सवा साल से अनुपयोगी योजनाओं को बंद और एक जैसे लाभ वाली योजनाओं का युक्तियुक्तकरण करवा रही है। इसी कड़ी में तीनों विभागों के अफसरों की पिछले माह हुई बैठक में वजीफा बंद करने पर सहमति बनी है। हालांकि वजीफा बंद करने से बचने वाले 200 करोड़ रुपए दूसरे विभाग को नहीं दिए जाएंगे।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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