कमलनाथ के मंत्री के घर पहुंचे सिंधिया, पीसीसी चीफ को लेकर कही यह बात

कमलनाथ के मंत्री के घर पहुंचे सिंधिया, पीसीसी चीफ को लेकर कही यह बात

भोपाल| मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ में प्रबल दावेदार माने जा रहे वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अचानक अपनी सक्रियता बढ़ा दी है| गुरूवार रात को मंत्री गोविन्द सिंह के बंगले पर डिनर मीटिंग के बाद शुक्रवार को सिंधिया पीचई मंत्री सुखदेव पांसे के निवास पर पहुंचे| कमलनाथ समर्थक मंत्री के घर जाकर मुलाक़ात करने के कई मायने निकाले जा रहे हैं| सिंधिया ने सन्देश देने की कोशिश की है कि सब साथ हैं| इस दौरान सिंधिया ने मीडिया से चर्चा में इस मुलाक़ात को लेकर कहा कि उनके मंत्री पांसे से पुराने सम्बन्ध हैं, राजनीति में मकसद होता है, लेकिन मैं राजनीति में नहीं जनसेवा में हूँ|

ज्योतिरादित्य सिंधिया शुक्रवार को सात माह बाद पीसीसी पहुंचेंगे जहां वे कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे| लम्बे समय बाद सिंधिया प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचेंगे ऐसे में उनसे मिलने प्रदेश भर के कार्यकर्ता भोपाल पहुंचे हैं| इससे पहले सुबह सिंधिया कमलनाथ खेमे के माने जाने वाले मंत्री सुखदेव पांसे के निवास पर पहुंचे| मीडिया के सवालों पर सिंधिया ने कहा सुखदेव के साथ आज मुलाकात हुई है, उनसे मेरा आज से नहीं 18 साल पुराण सम्बन्ध है, ख़ुशी है कि वो आज मंत्री हैं|

पीसीसी चीफ को लेकर बोले-अपने लिए कभी कुछ नहीं माँगा
सिंधिया ने कहा मैं जब भी आता हु सभी से मुलाक़ात करता हूँ, आजकल के जमाने मे राजनीति में मकसद होता है, लेकिन मैं राजनीति में नहीं जनसेवा में हूँ| वहीं पीसीसी चीफ बनाये जाने की उठ रही मांगों को लेकर सिंधिया ने कहा मैंने स्वतः के लिए कभी कोई मांग नहीं रखी, जनता की मांग उठाई है| मेरा दायित्व है कि मध्य प्रदेश का विकास हो, जिन मुद्दों को लेकर हम सरकार में आये हैं उन पर हम खरा उतरे। सोनिया गाँधी की मुलाक़ात को लेकर सिंधिया चुप्पी साध गए, वहीं डिनर मीटिंग में सीएम कमलनाथ के न पहुँचने और उनसे मुलाक़ात न हो पाने पर सिंधिया ने कहा कि हर बार मुलाक़ात हो जरुरी नहीं है|

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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