भोपाल: मध्य प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने एक बयान को लेकर उठे सियासी तूफान के बाद सफाई दी है। एक निजी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में दिए गए उनके ‘PWD मंत्री और ठेकेदार’ वाले उदाहरण पर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने प्रेस नोट जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनकी बात को संदर्भ से काटकर पेश किया गया।
दरअसल, विजयवर्गीय एक कार्यक्रम में बच्चों की परवरिश और नैतिक मूल्यों पर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि बच्चों में संस्कार केवल स्कूली शिक्षा से नहीं आते, बल्कि घर का माहौल सबसे महत्वपूर्ण होता है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
अपने संबोधन में उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा था कि यदि घर का माहौल ठीक न हो, जैसे कोई मंत्री हो और उसके परिवार को ठेकेदारों से अनुचित लाभ मिल रहा हो, तो ऐसे में बच्चों से चरित्रवान होने की उम्मीद नहीं की जा सकती। उनके इस बयान में ‘PWD मंत्री’ और ‘ठेकेदार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल होने से यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई कि मंत्री ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों ने इसे सरकार में कथित भ्रष्टाचार से जोड़कर निशाना साधना शुरू कर दिया।
प्रेस नोट जारी कर दी सफाई
विवाद को बढ़ता देख मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक प्रेस नोट जारी कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, “मेरे वक्तव्य को कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा काट-छांट कर ऐसे प्रस्तुत किया गया, मानो वह किसी व्यक्ति विशेष या विभाग विशेष पर कोई टिप्पणी हो।”
“मेरा पूरा वक्तव्य बच्चों में संस्कार, पारिवारिक वातावरण और नैतिक शिक्षा के महत्व पर आधारित था। इसका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना या किसी विभाग को कटघरे में खड़ा करना नहीं था।” — कैलाश विजयवर्गीय
उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चे अपना अधिकांश समय घर पर बिताते हैं, इसलिए माता-पिता का आचरण ही उनके चरित्र निर्माण की नींव रखता है। यदि घर का व्यवहार ही अनुचित होगा तो कोई भी शिक्षा नीति प्रभावी नहीं हो सकती।
पहले भी चर्चा में रहे हैं बयान
यह पहली बार नहीं है जब कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में आए हैं। इससे पहले भी इंदौर से जुड़े कुछ मामलों पर उनकी टिप्पणियों ने राजनीतिक बहस को जन्म दिया था। फिलहाल, उनकी इस सफाई के बाद मामला शांत होने की उम्मीद है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा अभी भी जारी है।






