कमलनाथ का खुलासा, दिग्विजय के झूठे आश्वासन के चलते गई सरकार

कमलनाथ का खुलासा, दिग्विजय के झूठे आश्वासन के चलते गई सरकार

भोपाल| पूर्व मुख्यमंत्री (former chief minister) और कांग्रेस (congress) के प्रदेश अध्यक्ष (State President) कमलनाथ (kamalnath) ने सरकार जाने का सबसे बड़ा कारण पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव (General Secretary) दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) द्वारा जताये गये झूठे विश्वास को बताया है, जिसमें दिग्विजय ने कहा था कि सरकार को कोई खतरा नहीं और विधायक कहीं नहीं जाएंगे।

दरअसल ऑपरेशन लोटस वन के दौरान जिस तरह से विधायकों की वापसी हुई थी उससे कमलनाथ आश्वस्त हुए थे कि अब सरकार को कोई खतरा नहीं और वह 5 साल पूरे करेगी। लेकिन उसके बाद जिस तरह से सिंधिया समर्थक विधायकों के साथ कुछ दिग्विजय समर्थक भी बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए, एक बार फिर सरकार पर खतरे के बादल मंडराने लगे | लेकिन अगर कमलनाथ की मानें तो उस समय दिग्विजय ने उन्हें फिर आश्वासन दिया कि सरकार कहीं नहीं जाने वाली और विधायक पार्टी नहीं छोड़ेंगे। क्योंकि दिग्विजय सिंह कमलनाथ सरकार को बनाए रखने में एक बड़ी भूमिका निभा रहे थे| इसलिए उनके ऊपर कमलनाथ ने विश्वास किया और एक बार फिर दिग्विजय बंगलुरु गए। लेकिन वे विधायकों को मनाने में असफल रहे और अंततः कमलनाथ की सरकार गिर गई और बीजेपी ने सरकार बना ली।

एक निजी चैनल के ट्वीट में खुद कमलनाथ ने इस बात का खुलासा किया है कि दिग्विजय के झूठे आश्वासन के चलते, कि विधायक कहीं नहीं जाएंगे, उनकी सरकार चली गई। राजनीतिक हलकों में अब इसके अलग मायने निकाले जा रहे हैं और यह माना जा रहा है अब कमलनाथ पुरानी गलतियों को नहीं दोहराना चाहते जो सरकार रहते हुए हुई थी।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews