कोरोना की स्थिति को लेकर कमलनाथ का शिवराज पर बड़ा हमला

कोरोना की स्थिति को लेकर कमलनाथ का शिवराज पर बड़ा हमला

भोपाल| प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 800 तक पहुँच गई है| सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद लगातार मरीज सामने आ रहे हैं| बिगड़ते हालातों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हमला बोला है| उन्होंने ट्वीट कर आरोप लगाया है कि आपका प्रदेश पर कोई नियंत्रण बचा नहीं है।

कमलनाथ ने ट्वीट कर कोरोना को लेकर प्रदेश की स्थिति पर चिंता जताते हुए सरकार पर निशाना साधा है| उन्होंने लिखा- “शिवराज जी , कोरोना की महामारी में प्रदेश की स्थिति भयावह होती जा रही है। रोज़ बढ़ते आँकड़े , प्रतिदिन हो रही मौतें , भुखमरी की स्थिति , बदहाल स्वास्थ्य सेवाएँ , प्रदेश कोरोना को लेकर भी देश में शीर्ष पर पहुँचता जा रहा है”।

पूर्व सीएम ने अगले ट्वीट में लिखा “प्रदेश देश में पाँचवे स्थान पर , प्रदेश का इंदौर देश में तीसरे स्थान पर , मृत्यु दर भी देश में सबसे ज़्यादा , इलाज के अभाव में रोज़ हो रही मौते , एम्बुलेंस नहीं , संसाधन नहीं , संसाधनो के अभाव में डॉक्टर्स व स्वास्थ्य कर्मी के संक्रमित होने के बढ़ते आँकड़े,प्रदेश की तस्वीर चंद दिनो में ही आपने बदल कर रख दी है,ऐसा प्रदेश मैंने आपको नहीं सौंपा था। आज प्रदेश की जनता को झूठे भाषण नहीं राशन चाहिये, सरकार बेपरवाह, हवा-हवाई बाते नहीं बेहतर इलाज चाहिये,कोरोना से बचाव चाहिये। अब तो ऐसा लग रहा है कि आपका प्रदेश पर कोई नियंत्रण बचा नहीं है”।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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