कमलनाथ सरकार ने संविदाकर्मचारियों को दी बड़ी राहत

कमलनाथ सरकार ने संविदाकर्मचारियों को दी बड़ी राहत

भोपाल।
प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने निलंबित डॉक्टरों की बहाली के बाद अब निष्कासित हुए 648 संविदा कर्मचारियों की वापसी का ऐलान किया है।इसके लिए आदेश जारी कर दिए है। जल्द ही संविदा कर्मचारियों की विभागों में वापसी होगी।

दरअसल,कमलनाथ सरकार ने बड़ी राहत लेते हुए पिछली सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निष्कासित हुए 648 संविदा कर्मचारियों की वापसी का ऐलान किया है। वॉटर शेड मिशन में कार्यरत संविदा कर्मियों को निष्कासित कर दिया गया था।जिसके बाद कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर कई प्रदर्शन और आंदोलन भी किए थे, कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले इन्हें बहाल करने का वादा किया था, जिसे अब वो पूरा कर रही है।सरकार ने इनकी बहाली के आदेश जारी कर दिए है। सीएम के ऐलान के बाद हाई पॉवर कार्य परिषद ने नौकरी में वापसी को मंजूरी दी। कार्य परिषद के अध्यक्ष सीएस एसआर मोहंती हैं।

ये काम करते थे कर्मचारी

पड़त और सूखी पड़ी जमीन पर सिंचाई के लिए तालाब बनवाना, खेतों की मेड़ बंधवाना, क्षेत्र का वाटर लेवल बढ़ाना , कृषि की सिंचाई का रकबा बढ़वाना, किसानों के समूह बनाकर खेती की उन्नत तकनीकों की जानकारी देना, जैविक खेती के लिए प्रेरित करना । उन्नत बीजों का भण्डारण करवाना तथा जानकारी देना । उन्‍नत कृषि यंत्रों की जानकारी देना ।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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