Lok Sabha Election 2024: पार्टी ज्वाइन करते ही नारायण त्रिपाठी को सतना से टिकट, BSP ने घोषित किये MP के 7 प्रत्याशी

Narayan Tripathi

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनावों की घोषणा के बाद पार्टियाँ टिकट घोषित कर रही हैं साथ ही नेता टिकट की जोड़तोड़ में पार्टियाँ छोड़कर दूसरी पार्टियाँ ज्वाइन कर रही है, आज भी ऐसा ही कुछ हुआ, सतना जिले की मैहर विधानसभा सीट से चार बार विधायक रहे नारायण त्रिपाठी ने बीएसपी ज्वाइन कर ली और सतना सीट से लोकसभा का टिकट पाने में सफल हो गए।

पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी को ज्वाइन करते ही सतना से मिला टिकट 

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने आज मध्य प्रदेश की 7 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित किये जिसमें सतना सीट से नारायण त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया है आपको बता दें कि नारायण त्रिपाठी भाजपा में थे जिन्हें पार्टी विरोधी गतिविधि के चलते पार्टी ने पिछले साल निलंबित कर दिया था हालाँकि उसेक बाद उन्होंने विन्ध्य जनता पार्टी का गठन किया था।

सपा, कांग्रेस , भाजपा से विधायक रहे नारायण अब बीएसपी के टिकट पर लोकसभा प्रत्याशी 

नारायण त्रिपाठी विन्ध्य क्षेत्र के बड़े नेता हैं वे मुहर से चार बार विधायक रहे हैं, आपको बात दें कि नारायण त्रिपाठी ने राजनीतिक सफ़र 2003 में समाजवादी पार्टी के साथ किया था उन्होंने सपा के टिकट पर जीत हासिल की , 10 साल बाद उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली  और चुनाव में जीत हासिल की और दूसरी बार विधायक बने, लेकिन तीन साल कांग्रेस में रहने के बाद 2016 में उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली और उप चुनाव जीतकर मैहर से विधायक बन गए , 2018 वे फिर भाजपा के टिकट पर विधायक बने, इसेक बाद वे अपनी ही पार्टी के नेताओं के खिलाफ बोलने लगे, 2023 के चुनाव में पार्टी ने टिकट काट दिया और निलंबित कर दिया, अपनी पार्टी बनाकर नारायण ने चुनाव लड़ा लेकिन हार गए ।

इन सीटों पर BSP ने घोषित किये उम्मीदवार 

बीएसपी ने सतना से नारायण त्रिपाठी के अलावा खजुराहो से कमलेश पटेल, सीधी से पूजन राम साकेत, मंडला से इंदर सिंह उइके, छिंदवाड़ा से उमाकांत बन्देवार , मंदसौर से कन्हैया लाल मालवीय और बैतूल से अशोक भलावी की पार्टी प्रत्याशी घोषित किया है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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