
मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य की भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश को “भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला” बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे गए खाद्यान्नों की जांच के लिए प्रस्तावित AI आधारित मशीनों की वास्तविक कीमत लगभग 200 करोड़ है, लेकिन सरकार उन्हें किराए पर लेकर लगभग 1200 करोड़ खर्च करने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि यदि मशीनों की खरीद लागत लगभग 200 करोड़ है, तो उन्हें किराए पर लेने के लिए छह गुना अधिक राशि क्यों खर्च की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के टैक्स के हजारों करोड़ रुपये का दुरुपयोग करने की तैयारी की जा रही है।
कांग्रेस ने की जांच की मांग
उमंग सिंघार ने कहा कि जब किसान अपनी फसल का उचित मूल्य मांगते हैं तो सरकार संसाधनों की कमी का हवाला देती है, लेकिन घोटालों के लिए सरकारी खजाना खोल दिया जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से जवाब मांगते हुए कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह फैसला किस आधार पर लिया जा रहा है। उन्होंने पूरे टेंडर की न्यायिक या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने, प्रक्रिया को तत्काल रोकने और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं राजनीतिक संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है मामला
मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार खाद्यान्न खरीदी व्यवस्था को अधिक तकनीक आधारित बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस प्रस्तावित व्यवस्था के तहत एआई आधारित मशीनों के जरिए MSP पर खरीदे गए गेहूं, धान और अन्य कृषि उपज की गुणवत्ता की जांच तेज और अधिक पारदर्शी तरीके से किए जाने की योजना बताई जा रही है। ऐसी मशीनों से नमी, दाने की गुणवत्ता, टूटे दाने, विदेशी पदार्थ और अन्य मानकों की जांच कम समय में की जा सकती है जिससे गुणवत्ता परीक्षण में मानवीय हस्तक्षेप कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। लेकिन अब इन मशीनों को किराए पर लेने को लेकर विवाद शुरु हो गया है और कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है।
भाजपा सरकार ने मध्यप्रदेश को भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला बना दिया है।
₹200 करोड़ की मशीनों पर ₹1200 करोड़ का किराया!
मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार MSP पर खरीदे गए खाद्यान्नों की जांच के लिए AI आधारित मशीनें लाने की तैयारी कर रही है। इन मशीनों की कीमत लगभग ₹200 करोड़ है, लेकिन सरकार…
— Umang Singhar (@UmangSinghar) August 6, 2026
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

