राज्य सरकार की बड़ी तैयारी, जल्द लागू होगी ये नई नीति, ये रहेंगे नियम, हितग्राहियों को इस तरह मिलेगा लाभ

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MP Government PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के लिए अच्छी खबर है।अब पीएम आवास योजना के मकान बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा हितग्राहियों को मुफ्त रेत दी जाएगी । इसके लिए शिवराज सरकार यूपी की तर्ज पर नई रेत नीति लागू करेगी। इसमें 5 साल के लिए ठेका दिया जाएगा और दाम भी तय किए जाएंगे। इस योजना से सबसे ज्यादा  ग्रामीण हितग्राहियों को फायदा मिलेगा। बता दे कि वर्तमान में 12 ठेकों की अवधि 30 जून एवं 12 अन्य ठेकों की अवधि 30 अगस्त 2023 तक है।

नई नीति में होंगे बदलाव

दअसल, बीते दिनों सीएम शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना में मकान बनाने के लिए निशुल्क रेत उपलब्ध कराने की बात कही थी।इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान बनाने के लिए शिवराज सरकार हितग्राही को मुफ्त रेत देगी और  मकान बनाने के लिए हितग्राही से रायल्टी भी नहीं ली जाएगी।इसमें 3 साल की जगह 5 साल का ठेका दिया जाएगा।नई रेत नीति में इसका प्रविधान किया जा रहा है और इसके लिए गठित मंत्री समूह ने इस पर सहमति भी दे दी है।हालांकि इसमें कुछ नियम और शर्ते लागू होंगी।

ऐसे मिलेगा लाभ मुफ्त रेत का लाभ

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नई नीति के तहत हितग्राही को मकान बनाने के लिए 16 घन फीट रेत की पात्रता होगी। खनिज अधिकारी हितग्राही को पास जारी करेगा और इसी आधार पर हितग्राही रेत खदान से 16 घन फीट में रेत उठा सकेगा। वही इसमें रेत केवल उसी हितग्राही को निशुल्क दी जाएगगी, जो स्वयं मकान का बनाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत शहरों में बहुमंजिला इमारत बनाकर हितग्राही को फ्लैट दिए जा रहे हैं, ऐसे में फ्री रेत का लाभ शहर के हितग्राही को संभवत: नहीं मिल पाएगा।खबर है कि नई रेत नीति में शिवराज सरकार जिले में एकल ठेका देने के स्थान पर तहसील एवं पंचायत स्तर पर छोटे-छोटे ठेके दे सकती है।

इस तरह से दिए जा सकते है ठेके

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसके अलावा इससे रेत की उपलब्धता भी आसान होगी और सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी। खनिज संसाधन विभाग नीति का प्रारूप तैयार कर रहा है। इसमें जिला, तहसील और पंचायत स्तर पर ठेका देने के विकल्प पर और लाभ हानि व इसकी चुनौतियों को लेकर चर्चा की जा रही है।वही उत्तर प्रदेश की रेत नीति के प्राविधानों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है विभाग में अधिकारियों का एक दल वहां की नीति को समझने के लिए उत्तर प्रदेश भेजा था। इसके अलावा PM आवास योजना के लिए मुफ्त रेत बांटने को लेकर भी विचार किया जा रहा हैं।

कलेक्टों को मिल सकते है अधिकार

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो साल 2023 में विधानसभा चुनाव से पहले रेत की नई नीति को लागू किया जा सकता। इस नई नीति में तहसील स्तर पर रेत खदानों के समूह बनाकर नीलामी की जाएगी। नीलामी स्थानीय स्तर पर होगी। जिसके पूरे अधिकार कलेक्टर को रहेंगे। यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शी तरीके से होगी। इसके लिए सीसीटीवी से निगरानी की जा सकती है। वर्षा काल के बाद कलेक्टर रेत सहित जिले में मौजूद अन्य खनिजों के भंडारण की स्थिति का भी आकलन शुरू कर सकते है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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