जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने MBBS इंटर्न स्टाइपेंड आंदोलन को दिया समर्थन, काली पट्टी बांधकर जताई एकजुटता

स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को लेकर प्रदेश में एमबीबीएस इंटर्न्स का आंदोलन जारी है। अब जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर इसे समर्थन दिया है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती है, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। 
Intern Stipend Movement

मध्य प्रदेश में “एक देश, एक स्टाइपेंड’ को लेकर एमबीबीएस इंटर्न्स का आंदोलन (MBBS Intern Protest) जारी है। अब जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। गुरुवार को इंटर्न स्टाइपेंड वृद्धि की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के संदर्भ में वॉइस ऑफ इंटर्न्स, एमपी के प्रतिनिधिमंडल की जेडीए के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।

बैठक में इंटर्न्स द्वारा अपनी मांगों एवं आंदोलन की वर्तमान स्थिति से JDA को अवगत कराया गया। इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करने के बाद JDA ने सर्वसम्मति से इंटर्न स्टाइपेंड वृद्धि आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने का फैसल लिया है। अपने समर्थन को व्यक्त करते हुए 30 जुलाई को JDA के सदस्यों ने चिकित्सीय कार्य के दौरान काली पट्टी (Black Ribbon) बांधकर काम किया। जिससे उन्होंने इंटर्न्स के आंदोलन के प्रति अपनी एकजुटता और समर्थन दर्ज कराया।

एमबीबीएस इंटर्न्स ने जताया आभार

एमबीबीएस इंटर्न्स ने भी जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के इस समर्थन एर एकजुटता के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि, “यह समर्थन प्रदेश के समस्त मेडिकल समुदाय की एकता का प्रतीक है। हमारी न्यायोचित मांग को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।” उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेश सरकार और चिकित्सा शिक्षा विभाग इस एकजुट आवाज़ को गंभीरता लेंगे और इंटर्न स्टाइपेंड वृद्धि की मांग पर जल्द से जल्द कोई फैसला लेंगे।

क्या है मांगें?

वर्तमान में मध्य प्रदेश में एमबीबीएस इंटर्न्स का स्टाइपेंड 14,377 रुपये है, जो कई राज्यों की तुलना में काफी कम है। इंटर्न और जूनियर डॉक्टर्स का कहना है कि देशभर में स्टाइपेंड एक होना चाहिए है। इंटर्न्स को उनके काम के हिसाब से स्टाइपेंड मिलना चाहिए है। राज्य सरकार के सामने स्टाइपेंड को बढ़ाकर कम से कम 30,000 रुपये करने की मांग रखी है। इन मांगों को लेकर आंदोलन चरणबद्ध तरीके से 9 जुलाई से ही चल रहा है। भोपाल के कई मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न और जूनियर डॉक्टर्स काम बंद करके धरने पर बैठे हैं। जिसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती, आंदोलन जारी रहेगा।

Manisha Kumari Pandey
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