MP में पशुपालन विभाग में फेरबदल पर उमंग सिंघार ने सरकार से किए सवाल, कहा “मंत्रालय बदलकर सच नहीं बदला जा सकता”

कांग्रेस नेता ने कहा कि गौमाता के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा को अब गौशालाओं से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग बदलना जवाबदेही नहीं होता है।
Leader of the Opposition Umang Singhar

Umang Singhar

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश के पशुपालन विभाग में हुए हालिया फेरबदल को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में “सवाल उठे तो विभाग बदल दो, लेकिन जवाब मत दो” का नया मॉडल अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “मध्यप्रदेश की जनता सब देख रही है, मंत्रालय बदलकर सच नहीं बदला जा सकता।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि स्वावलंबी गौशालाओं के नाम पर जमीन आवंटन को लेकर गंभीर सवाल सामने आए थे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शिकायतें संघ से लेकर दिल्ली तक पहुंचीं, जिसके बाद पशुपालन विभाग मंत्री लखन पटेल से वापस ले लिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सब कुछ सही था तो विभाग क्यों बदला गया और यदि अनियमितता हुई है तो सरकार जनता के सामने सच क्यों नहीं रख रही है।

उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा

मध्यप्रदेश की मोहन सरकार में अचानक मंत्रालय के फेरबदल से सियासी हलचल मच गई है। कांग्रेस इस मुद्दे पर सवाल कर रही है। उमंग सिंघार ने इसे भाजपा सरकार का “नया मॉडल” बताते हुए हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “स्वावलंबी गौशालाओं के नाम पर जमीन आवंटन को लेकर गंभीर सवाल उठे। शिकायतें संघ से लेकर दिल्ली तक पहुंचीं और अचानक पशुपालन विभाग मंत्री लखन पटेल से वापस ले लिया गया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भाजपा सरकार मंत्रालयों की अंदरूनी अदला-बदली करके पूरे मामले पर पर्दा डालना चाहती है? अगर सब कुछ ठीक था, तो विभाग क्यों छीना गया? और अगर गड़बड़ी हुई है, तो जनता को सच क्यों नहीं बताया जा रहा?”

सीएम से किए सवाल

कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी सवाल किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास सबसे अधिक विभाग हैं। यदि उनके किसी विभाग में गड़बड़ी सामने आती है तो क्या वे भी इस्तीफा देंगे, या फिर जवाबदेही और विभाग बदलने के नियम सिर्फ अन्य मंत्रियों के लिए हैं। उन्होंने कहा कि जवाबदेही सभी के लिए समान होनी चाहिए। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि गौमाता के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा को अब गौशालाओं से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है तो पूरे मामले की जांच सार्वजनिक की जाए और यदि गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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