जहरीले कफ सिरप मामले पर कमलनाथ सरकार पर हमलावर, कहा “फंगस वाले पानी से बन रही बच्चों की दवा, सरकार की लापरवाही फिर उजागर”

पूर्व सीएम ने कहा कि अगर सरकार सतर्क होती तो ये मौतें नहीं होतीं। 19 घर उजड़ गए लेकिन सरकार की संवेदनाएं अब भी नहीं जागी हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना बताती है कि जब सत्ता संवेदनहीन हो जाती है तो सबसे बड़ी कीमत आम लोग चुकाते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि अब वक्त है कि सरकार जवाब दे।
Kamal Nath

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मध्यप्रदेश में ज़हरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में कमलनाथ ने सरकार पर उदासीन रवैया अपनाने और लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जांच में यह बात सामने आई है कि इंदौर की एक दवा फैक्ट्री में फंगस वाले पानी से कफ़ सिरप तैयार किया जा रहा था। हालांकि बच्चों की मौत इस फैक्ट्री की दवा से नहीं हुई, लेकिन यह खुलासा बताता है कि सरकार की निगरानी व्यवस्था कितनी लापरवाह है।

पूर्व सीएम ने कहा कि तमिलनाडु सरकार ने मध्यप्रदेश की इस घटना से सबक लेकर संदिग्ध सिरप पर तुरंत रोक लगा दी, लेकिन यहाँ की सरकार ने टालमटोल की। उन्होंने सवाल किया है कि ये देरी क्या दवा माफियाओं को बचाने के लिए की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही का नतीजा है।

कमलनाथ ने सरकार पर लापरवाही और उदासीनता का आरोप लगाया

मध्यप्रदेश में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। विपक्ष ने राज्य सरकार पर लापरवाही और संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने कहा कि इस मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं, लेकिन सरकार की उदासीनता कम नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि “19 बच्चों की मौत के बाद भी सरकार हरकत में नहीं आई। जब 10 बच्चों की मौत हो चुकी थी, तब सैंपल डाक से भेजे गए जो तीन दिन बाद पहुंचे। अगर जांच समय पर होती तो कई बच्चों की जान बच सकती थी। पर सरकार को शायद इन मासूमों की जान की कोई कीमत नहीं थी।”

इंदौर की दवा फैक्ट्री को लेकर किए सवाल

कमलनाथ ने कहा कि जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि इंदौर की एक दवा फैक्ट्री में फंगस युक्त पानी से कफ़ सिरप तैयार किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि “बच्चों की मौत इस फैक्ट्री की दवा से नहीं हुई, लेकिन यह खुलासा बताता है कि सरकार की निगरानी व्यवस्था कितनी लापरवाह है। जिस पानी को कोई घर में छूना भी पसंद न करे, उससे बच्चों की दवा बनाई जा रही थी। फिर भी अधिकारियों और मंत्रियों को शर्म नहीं आई।” उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को खो चुके हैं और सरकार सफाई देने में व्यस्त है। स्वास्थ्य मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक किसी ने भी नैतिक जिम्मेदारी नहीं ली है। कमलनाथ ने कहा कि जनता सवाल कर रही है लेकिन इन सवालों के जवाब कौन देगा..सरकार ये अभी भी तय नहीं कर पा रही है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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