बिजली कंपनी उपभोक्ताओं को दे रही छूट, आवेदन करने की अंतिम तारीख 30 सितम्बर, यहाँ जानें डिटेल

कंपनी ने कहा है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के लंबित प्रकरणों में लोक अदालत की तर्ज पर छूट प्रदान कर प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माह के दौरान ही किया जाएगा।
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मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य क्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के उपभोक्‍ताओं के लिए धारा 126 में लंबित प्रकरणों में लोक अदालत की तर्ज पर छूट प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में अब तक कंपनी कार्यक्षेत्र के उपभोक्‍ताओं को लंबित प्रकरणों में 02 करोड़ 68 लाख 66 हजार की छूट प्रदान करते हुए 5995 प्रकरणों का निपटान किया गया है।

कंपनी ने बताया कि भोपाल क्षेत्र में कुल 4596 प्रकरणों में 01 करोड़ 67 लाख 46 हजार की छूट प्रदान करते हुए 02 करोड़ 58 लाख, 99 हजार रुपए कंपनी के खाते में जमा कराए गए हैं। इसी तरह ग्‍वालियर क्षेत्र में कुल 1399 प्रकरणों में 01 करोड़ 01 लाख 20 हजार की छूट प्रदान करते हुए 01 करोड़ 67 लाख 45 हजार रुपये कंपनी के खाते में जमा कराए गए हैं।

आवेदन करने की अंतिम तारीख 30 सितम्बर 

कंपनी ने कहा जो उपभोक्‍ता धारा 126 के प्रकरणों में छूट का लाभ लेना चाहते हैं उन्‍हें ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई है। आवेदन 30 सितम्बर तक लिए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन के लिए उपभोक्‍ता कंपनी पोर्टल पर जाकर प्रदर्शित क्विक लिंक टैब में “Rebate As lokadalat in section 126” पर क्लिक कर आवेदन प्रस्‍तुत करना होगा। कंपनी के portal.mpcz.in पोर्टल पर कंज्‍यूमर आईडी की प्रविष्टि करते ही उपभोक्‍ता को धारा-126 में दर्ज लंबित प्रकरण प्रदर्शित होगा।

लोक अदालत की तर्ज पर धारा-126 में छूट

कंपनी का कहना है कि, उपभोक्‍ता को लोक अदालत की तर्ज पर धारा-126 में छूट प्राप्‍त किए जाने के लिये “उपभोक्‍ता के परिसर या अन्‍य परिसर पर संयोजन के विरुद्ध विद्युत देयक की बकाया राशि नहीं है तथा विचाराधीन प्रकरण पर धारा 127 के अंतर्गत गठित अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष या किसी अन्‍य न्‍यायालय के समक्ष कोई अपील लंबित नहीं है न ही निर्णित है“ सत्‍यापित कर सबमिट करना होगा। इसके बाद उपभोक्‍ता ऑनलाइन भुगतान का विकल्‍प चयन कर भुगतान कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन के लिये उपभोक्‍ताओं के लिए नजदीकी विद्युत वितरण केन्‍द्र/जोन पर निर्धारित प्रारूप में आवेदन करने की सुविधा भी उपलब्‍ध है।

प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माह के दौरान ही होगा 

कंपनी ने कहा है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के लंबित प्रकरणों में लोक अदालत की तर्ज पर छूट प्रदान कर प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माह के दौरान ही किया जाएगा। लोक अदालत की प्रक्रिया के अनुरूप निर्धारित मापदंडों के अधीन 10 लाख रुपये तक की सिविल दायित्व की राशि के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवाट तक गैर घरेलू व 10 अश्वशक्ति तक के औद्योगिक श्रेणी के लंबित प्रकरणों का आवेदन संबंधित उप महाप्रबंधक को दिया जाकर, आकलित राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किए जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने पश्चात प्रत्येक 6 माही चक्रवर्ती दर अनुसार 16 प्रतिशत की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर, 100 फीसदी की छूट दी जाएगी। बशर्ते किसी प्रकरण में धारा 127 के अंतर्गत गठित अपील प्राधिकरण के समक्ष अथवा उच्‍च न्‍यायालय में कोई अपील लंबित न हो।

यहाँ करना होगा आवेदन 

कंपनी ने बताया कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 के अंतर्गत यदि एक संयोजन पर एक से अधिक प्रकरण दर्ज हैं तो एक साथ सभी प्रकरणों का भुगतान एक मुश्‍त किया जाना अनिवार्य है। यदि किसी एक संयोजन पर एक से अधिक विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 126 में प्रकरण दर्ज है तो उपभोक्‍ता को वितरण केन्‍द्र/ जोन पर संपर्क कर आवेदन करना होगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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