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जीआईएस नवाचार में मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय सम्मान, ‘गरुड़’ को मिला “अचीवमेंट इन जीआईएस अवार्ड”

नगरीय सेवाओं और प्रशासन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर सराहना मिली है। जीआईएस आधारित व्यवस्था से शहरों के प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
GIS Achievement Award

GIS Achievement Award

मध्यप्रदेश ने नगरीय प्रशासन में जीआईएस तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के एकीकृत जीआईएस प्लेटफॉर्म ‘गरुड़’ को नवाचार और तकनीक आधारित शहरी प्रबंधन के लिए ‘अचीवमेंट इन जीआईएस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है।

नई दिल्ली में आयोजित समारोह में एसरी इंडिया के निदेशक अजेन्द्र कुमार ने यह सम्मान नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे को प्रदान किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान तकनीक आधारित सुशासन और पारदर्शी नगरीय प्रबंधन की दिशा में प्रदेश में किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता है।

शहरी प्रबंधन में तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल

‘गरुड़’ यानी जीआईएस आधारित अर्बन डेटा एनालिटिक्स सेंटर को नगरीय निकायों से जुड़े विभिन्न आंकड़ों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। इसके जरिए शहरी और राजस्व संबंधी डेटा का स्थानिक विश्लेषण किया जाता है, जिससे प्रशासन को योजनाएं बनाने और निर्णय लेने में अधिक सटीक जानकारी मिल रही है।

इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपत्तियों और राजस्व का मैपिंग, संभावित नई या अपंजीकृत संपत्तियों की पहचान और राजस्व बढ़ाने की संभावनाओं का आकलन किया जा रहा है। इससे नगरीय निकायों के स्तर पर राजस्व प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल रही है।

जलापूर्ति से लेकर अतिक्रमण तक निगरानी

गरुड़ पोर्टल का उपयोग सि्फ राजस्व संबंधी कामों तक ही सीमित नहीं है। इसके जरिए जलापूर्ति और सीवरेज नेटवर्क, भूमि उपयोग, अतिक्रमण, भवन अनुज्ञा और नगरीय अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की डिजिटल निगरानी भी की जा रही है। रियल टाइम डेटा के इस्तेमाल से शहरों में उपलब्ध संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिल रही है।

नगरीय निकायों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर

गरुड़ के तहत विकसित पर्यवेक्षण मॉडल से नगरीय परिसंपत्तियों और नागरिक सुविधाओं की मौजूदा स्थिति का डेटा आधारित आकलन किया जा रहा है। इससे बुनियादी ढांचे के रखरखाव, संसाधनों के प्रबंधन और नागरिक सेवाओं की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने का दावा किया गया है। इस पहल के जरिए मध्यप्रदेश में डिजिटल तकनीक, जीआईएस और प्रशासनिक निर्णय प्रक्रिया को जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिससे नगरीय निकायों के कामकाज में डेटा आधारित प्रबंधन को बढ़ावा मिल रहा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha
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