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विजय शाह ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी को लेकर कहा “गलती हो गई, भविष्य में वाणी पर रहेगा नियंत्रण”

Written by:Shruty Kushwaha
Published:
सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख और राज्य सरकार पर अभियोजन स्वीकृति को लेकर बने दबाव के बीच मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई विवादास्पद टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि उनके शब्द देशभक्ति के उत्साह और आवेश में निकल गए थे और उनका उद्देश्य किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या किसी वर्ग का अपमान करना नहीं था।
विजय शाह ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी को लेकर कहा “गलती हो गई, भविष्य में वाणी पर रहेगा नियंत्रण”

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मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई विवादास्पद टिप्पणी के मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि ‘वे शब्द देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकले थे। गलती के पीछे की भावना को अवश्य देखा जाना चाहिए।’ यह माफी सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और राज्य सरकार पर अभियोजन स्वीकृति के फैसले के दबाव के बीच आई है।

विजय शाह ने कहा कि उनके शब्द उनकी भावना के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने इसे लेकर आत्ममंथन किया और जिम्मेदारी स्वीकार की है और भविष्य में वाणी पर नियंत्रण रखने का संकल्प लिया है। उन्होंने देश के नागरिकों, भारतीय सेना सहित सभी संबंधित पक्षों से अंतःकरण से क्षमायाचना दोहराई।

विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर की टिप्पणी के लिए माफी मांगी

माफी मांगते हुए विजय शाह ने कहा कि ‘मैंने पहले भी कई बार कहा है आज फिर दोहरा रहा हूं..किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज किसी वर्ग का अपमान करने का मेरा कोई उद्देश्य नहीं था।’ उन्होंने कहा कि ‘मेरे शब्द मेरी भावना के अनुरुप नहीं थे। तब वे देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकले थे। गलती के पीछे की भावना को अवश्य देखा जाना चाहिए। आप सब जानते हैं मेरा कोई दुर्भावना नहीं थी। मैंने कई बार अंतःकरण से क्षमायाचना की है, आज फिर कर रहा हूं। मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक है कि मेरी छोटी सी त्रुटि से ऐसा विवाद उत्पन्न हुआ। मुझे विश्वास है मेरी भावना को सही संदर्भ में देखा जाएगा। भारतीय सेना के प्रति मेरे मन में सदैव सम्मान रहा है और रहेगा। सार्वजनिक जीवन में रहते हुए ऐसे शब्दों की मर्यादा संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है। इस घटना से मैंने आत्ममंथन किया है, सबक लिया है ,जिम्मेदारी मानता हूं..भविष्य में वाणी पर नियंत्रण रहेगा। ऐसी गलती दुबारा नहीं होगी।’ इसी के साथ उन्होंने दोहराया कि एक बार फिर वो प्रकरण के लिए सभी नागरिकों से, भारतीय सेना से और सब लोगों से माफी मांगते हैं।

दो दिन बाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

यह मामला पिछले साल मई में शुरू हुआ था, जब इंदौर के पास एक सार्वजनिक सभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। ऑपरेशन के दौरान मीडिया ब्रीफिंग देने के बाद कर्नल कुरैशी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुई थीं। विजय शाह के उस बयान को सांप्रदायिक और अपमानजनक मानते हुए देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इसके बाद जबलपुर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उनकी भाषा को अमर्यादित बताया और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। सुप्रीम कोर्ट ने में मंत्री की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई, एसआईटी गठित की और टिप्पणी की कि “पूरे राष्ट्र को शर्मसार किया गया है।” SIT ने अपनी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंपी और फिर इस साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार को दो सप्ताह में अभियोजन स्वीकृति पर निर्णय लेने का निर्देश दिया और पहले दी गई माफी को “बहुत देर से” तथा अपर्याप्त बताया। इस मामले पर अदालत में अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी।