
चक्रवाती तूफान अर्नब और मुरासु का प्रभाव खत्म होते ही मध्य प्रदेश का मौसम एक बाद फिर बदल गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 5 से 8 नवंबर तक प्रदेश के किसी भी जिले में आंधी या बारिश की संभावना नहीं है हालांकि कहीं-कहीं बादल छाए रह सकते हैं।
धनतेरस से लेकर दीवाली तक आसमान साफ रहेगा। भोपाल-इंदौर समेत बड़े शहरों में दिन में धूप खिली रहेगी और रात में ठंडक बनी रहेगी। मौसम के शुष्क होने के साथ ही दिवाली के बाद रात के तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है। इसका सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल संभाग में देखने मिलेगा। यहां उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण रातें ज्यादा सर्द होने लगेगी।
पिछले 24 घंटों के दौरान सभी संभागों के जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। अधिकतम-न्यूनतम तापमान में सभी संभागों के जिलों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। नर्मदापुरम, रीवा, जबलपुर संभागों के जिलों में यह सामान्य से 2.0 – 2.7 डिग्री अधिक रहे, ग्वालियर, शहडोल संभागों के जिलों में सामान्य से 3.3 – 4.8 डिग्री तक काफी अधिक रहे एवं शेष सभी संभागों के जिलों में सामान्य रहे।
पचमढ़ी सबसे ठंडा, मंडला सबसे गर्म
प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री मंडला तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में दर्ज किया गया। गिरवर (शाजापुर) में 14.1 डिग्री, दमोह में 14.4 डिग्री, करौंदी में 15.2 डिग्री और अमरकंटक व रायसेन में 15.4 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। मंडला में 33.5 डिग्री, ग्वालियर में 32.5 डिग्री, उज्जैन में 32.4 डिग्री, पाल में 32.3 डिग्री और धार में 32.2 डिग्री अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
गिरेगा पारा, मध्य प्रदेश में बढ़ेगी ठंड
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, वर्तमान में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण माध्य समुद्र तल से 1.5 और 3.1 किमी की ऊंचाई के बीच उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्र पर बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ, मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई से गुजर रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर से ठंडी हवाएं आएंगी और ठिठुरन बढ़ेगी।

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

