नारायण त्रिपाठी का बडा बयान-”मैं किसके साथ हूँ, वक्त आने पर स्पष्ट हो जाएगा’

नारायण त्रिपाठी का बडा बयान-”मैं किसके साथ हूँ, वक्त आने पर स्पष्ट हो जाएगा’

भोपाल।
एमपी के सत्ता संग्राम के बीच बीजेपी के बागी विधायक नारायण त्रिपाठी का बड़ा बयान सामने आया है। नारायण का कहना है अभी मैं नहीं बता सकता मैं किसके साथ हूँ, वक्त आने पर स्पष्ट हो जाएगा, इंतज़ार कीजिये। मुझे कोई भी बंधक नहीं बना सकता। मेरी मां का देहांत हो गया है। मैं अभी राजनीति के बारे में नहीं सोच रहा हूं।

विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मैहर से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के साथ नजर आए। इस दौरान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने त्रिपाठी का हाथ पकड़कर कहा कि हमारे दिल जुड़े हुए हैं, वोटिंग की शर्त मत रखिये रिश्तों में।कांग्रेस विधायक के साथ विधानसभा से बाहर आने के सवाल पर उन्होंने कहा- मैं यहां आता हूं तो सबसे मिलता हूं। मुझे लगेगा कि जो मेरे क्षेत्र के विकास के लिए काम करेगा। मैं उसके साथ ही जाऊंगा। वे मसूद के साथ बाहर आए और फिर वहां से उन्हीं के साथ कार में कमलनाथ से मिलने मुख्यमंत्री आवास रवाना हो गए। कोरोना की वजह से विधानसभा सत्र को आगे बढ़ाने का उन्होंने स्वागत किया।

त्रिपाठी का बयान ऐसे समय पर आया है जब विधानसभा सत्र के 26 तक स्थगित के बाद राज्यपाल लालजी टंडन के सामने भाजपा ने विधायकों की परेड करवाई है। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने 106 विधायकों के शपथ पत्र सौपकर मध्य प्रदेश में बहुमत की सरकार की मांग की है,हालांकि इसमें त्रिपाठी शामिल नही थे। वही राज्यपाल ने भी आश्वासन दिया है कि वे उचित कार्रवाई करेंगे।

त्रिपाठी के इस बयान के कई सियासी मायने निकाले जा रहे है। ऐसा बयान देकर उन्होंने आसामंजस की स्थिति पैदा कर दी है कि वे बीजेपी के साथ है या नही। चुंकी बीते साल सदन में त्रिपाठी ने बीजेपी को झटका देते हुए क्रॉस वोटिंग कर दी थी। अब भी इस बात की चर्चा है कि त्रिपाठी बीजेपी से बगावत कर क्रॉस वोटिंग कर सकते है।हाल ही में वे मुख्यमंत्री निवास पर सीएम कमलनाथ से मिलने भी पहुंचे थे।वही रविवार को सीएम कमलनाथ ने कहा था कि 6 -8 बीजेपी विधायक उनके संपर्क में है और उनके पक्ष में वोटिंग करेंगें।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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