भोपाल। अब अगर आपको विदेश जाना है तो पासपोर्ट बनवाने के लिये न तो लंबी कतार में लगने की ज़रूरत है न ही महीनों के इंतज़ार की, आनलाइन आवेदन की सुविधा भी अब और आसान हो गई है। विदेश मंत्रालय ने मध्यप्रदेश के 17 शहरों में पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) खोले हैं जिसके बाद से अब लोगों को तत्काल पासपोर्ट के झंझट से भी मुक्ति मिल गई है। प्रदेश में हर साल दो लाख से ज़्यादा पासपोर्ट बनवाए जाते हैं और इसी कारण ये नए 17 पीओपीएसके खोले गए हैं ताकि लोगों को उनके शहर में ही पासपोर्ट बनवाने की सुविधा मिल जाए। इस कारण अब लोगों को बार बार भोपाल के चक्कर नहीं काटने होंगे
पासपोर्ट ऑफिस की बदली और त्वरित कार्यशैली के कारण अब लोगों को दस बारह दिनों में पासपोर्ट मिल जाते हैं। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा ने भी इस व्यवस्था को और आसान कर दिया है। भविष्य में छतरपुर, दमोह, उज्जैन, धार, टीकमगढ़ सहित कुछ और जगहों पर भी केंद्रों को आनलाइन किया जाएगा।
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Gaurav Sharma पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है।