राजा-महाराजा पर नहीं…दलित पर भारी पड़ गए

राजा-महाराजा पर नहीं…दलित पर भारी पड़ गए

भोपाल।

राज्यसभा चुनाव (rajyasabha election) के नतीजों के बाद बीजेपी-कांग्रेस (bjp-congress) में बयानबाजी का दौर शुरु हो गया है। खास करके राजा-महाराज को लेकर एक दूसरे पर तीखे वार किए जा रहे है।जहां कांग्रेस राजा को महाराज पर भारी बता रही है वही बीजेपी राजा को दलित पर भारी करार देते हुए दलितों विरोधी के आरोप लगा रहे है। अब पूर्व मंत्री पीसी शर्मा (Former Minister PC Sharma) के बयान पर बीजेपी के पूर्व मंत्री विश्वास सारंग (Former Minister Vishwas Sarang) ने पलटवार किया है। सारंग का कहना है कि राजा-महाराजा पर नहीं, बल्कि दलित पर भारी पड़ गया।

सारंग ने कहा कि बरैयाजी के वोट भी अलग से राजा को डलवा दिए गए।कांग्रेस शुरुआत से दलित विरोधी है।पहले नेहरूजी ने अम्बेडकरजी की उपेक्षा की थी, अम्बेडकरजी को संसद सदस्य नहीं बनने दिया था और अब कांग्रेस उसी परम्परा को आगे बढ़ा रही है। कांग्रेस के प्रत्याशी चयन, वरीयता और चुनाव परिणाम से ये साफ हो गया है।सारंग ने कहा कि कांगेस की हालत खिसियानी बिल्ली ख़म्बा नोंचे जैसी हो गई है।कांग्रेस में कोई नेता रहना नही चाहता । फेस सेविंग के लिए राजनीति कर रहे है।हालांकि चुनाव से पहले ही बीजेपी बरैया को नजरअंदाज करने को लेकर कांग्रेस की घेराबंदी कर रही थी।बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस नेताओं द्वारा बार बार मांग की जा रही थी कि राज्यसभा में बरैया को पहली प्राथमिकता दी जाए। इसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस नेताओं को आश्वासन तक दे दिया था, लेकिन ऐन मौके पर कांग्रेस ने रणनीति बदली और राजा को 57 वोट डलवा दिए।

उपचुनाव को लेकर किया बड़ा दावा

वही उन्होंने बीएसपी-सपा के विधायकों की तारीफ करते हुए कहा कि बीएसपी और सपा के जो विधायक जीत कर आये है वो अपनी मेहनत पर जीते है, अपने यहाँ के विकास को।लेकिन काँग्रेस ने उनका अपमान किया है। वही सारंग ने उपचुनाव को लेकर दावा किया कि हमारा लक्ष्य 24 सीट जीतना है सामने कौन होगा ये हमारे लिए मायने नही रखता भाजपा के जो विधायक जीतेंगे वो अपने क्षेत्र में विकाश करेंगे और हम 24 में से 24 सीटे जीतेंगे।

दरअसल, राज्यसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय को पूर्व केन्द्रीय ज्योतिरादित्य सिंधिया को ज्यादा वोट मिले थे।सिंधिया को चुनाव में दिग्विजय सिंह से एक कम वोट मिला है, इसका कारण भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव  रहे, उन्होंने  क्रास वोटिंग कर दी थी, हालांकि बीजेपी संगठन के सामने गोपीलाल जाटव ने सफाई दी है कि गलती से क्रॉस वोटिंग हुई है। इसको लेकर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने तंस कसा था और कहा था कि महाराज पर भारी पड़े राजा। भाजपा के विधायक कांग्रेस को वोट कर गए। कांग्रेस का मैनेजमेंट मजबूत रहा। बीजेपी ने दूसरे दलों के विधायकों को प्रताड़ित कर वोटिंग कराई गई है। बीजेपी ऐसे विधायकों को ब्लैकमेल कर रही है ।विधायकों के खिलाफ केस दर्ज होने का फायदा उठाया, लेकिन मप्र में आगे चलकर मणिपुर जैसी बनेगी स्थिति।जिस पर सारंग ने पलटवार किया है।

बता दे कि शुक्रवार को हुए तीन सीटों के राज्यसभा चुनाव में भाजपा दो सीटों पर अपना कब्जा बनाए रखने में सफल रही। भाजपा के ज्योतिरादित्य सिंधिया व सुमेरसिंह सोलंकी तथा कांग्रेस के दिग्विजय सिंह विजयी घोषित किए गए। कांग्रेस के दूसरे उम्मीदवार फूल सिंह बरैया चुनाव हार गए। उन्हें जीतने के लिए जरूरी मत 52 से 16 मत कम मिले। सबसे ज्यादा 57 वोट लेकर दिग्विजय सिंह पहले नंबर पर रहे। वहीं, 56 वोट सिंधिया को और 55 वोट सुमेर सिंह सोलंकी को मिले। बरैया के खाते में 36 वोट आए।इस दौरान भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी की जगह दिग्विजय सिंह को वोट किया।हालांकि उन्होंने इसे गलती बताया। लेकिन आयोग ने दो मत (एक कांग्रेस, एक भाजपा) निरस्त कर दिए।

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