बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल का नाम बदलने के विरोध में NSUI ने किया सद्बुद्धि हवन, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

कांग्रेस और NSUI ने कहा कि एक महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम को विश्वविद्यालय से हटाना इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के योगदान का अपमान है।
NSUI protest at Barkatullah University Bhopal gate

NSUI protest at Barkatullah University Bhopal gate

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के नाम बदले जाने से पहले ही बवाल शुरू हो गया है, विश्वविद्यालय की कार्य परिषद् ने नाम बदलकर वाग्देवी भोजपाल विश्वविद्यालय किये जाने का पारित किया है जिसका विरोध शुरू हो गया है, कांग्रेस ने इसका विरोध किया है और उनके छात्र संगठन NSUI ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है, एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय के गेट के सामने सद्बुद्धि हवन किया।

बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय का नाम बदले जाने से कांग्रेस भड़क गई है, पार्टी ने इसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का अपमान बताया है, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने नाम बदले जाने का विरोध करते हुए कहा कि ये सरकार जबसे सत्ता में आई है तब से नाम बदलने की राजनीति कर रही है, उन्होंने कहा विश्वविद्यालय का नाम महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अब्दुल हाफिज मोहम्मद बरकतउल्लाह के नाम पर 1988 में कांग्रेस सरकार ने रखा था, जिन्होंने विदेशों में रहकर भारत की स्वतंत्रता के लिए अलख जगाई, लेकिन उनके योगदान को भुलाकर भाजपा सरकार विकृत मानसिकता का परिचय दे रही है।

कांग्रेस ने कहा युवाओं को गुमराह कर रही सरकार 

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा नीट हो या अन्य परीक्षाएं इस सरकार से सबसे ज्यादा युवा वर्ग और छात्र पीड़ित है इसलिए सरकार अपनी करतूतों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है और निम्न स्तर की राजनीति कर रही है, उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं को गुमराह करना चाहती है यदि उसे वाग्देवी के नाम पर विश्वविद्यालय का नाम रखना है तो रखे लेकिन नया विश्वविद्यालय खोलकर ना कि पुराने का नाम बदलकर, हर सनातनी इसका स्वागत करेगा।

NSUI ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी 

उधर NSUI ने विश्वविद्यालय के गेट के बाहर बैठकर सद्बुद्धि हवन किया, प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा भाजपा सरकार एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम पर चल रहे विश्वविद्यालय का नाम बदलने का षड्यंत्र कर रही है सरकार और विश्वविद्यालय प्रबंधन यहाँ चले रहे कुकर्मों को छिपाने के लिए ये सब कर  रहा है लेकिन एनएसयूआई  इसे होने नहीं देगी, उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार हो रहा है फर्जी कॉलेजों को मान्यता दी जा रही है और इससे ध्यान भटकाने के लिए नाम बदलने की राजनीति की जा रही है, रवि परमार ने कहा यदि नाम बदला गया तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जायेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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