नशाबंदी पर उमा भारती का सवाल ‘प्रभावी कौन! सरकार, माफिया या जनता का हित’

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Uma Bharti on prohibition : पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने एक के बाद एक करके छह ट्वीट किए हैं। उन्होंने इस बात को लेकर चिंता जताई है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लाख कहने के बाद भी डिंडोरी और शाहपुरा में आज भी नर्मदा के किनारे शराब की दुकानें धड़ल्ले से चल रही है। उन्होंने नई शराब नीति को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं कि क्या यह लागू हो पाएगी!

लंबे अरसे के बाद पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने एक बार फिर नशाबंदी को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उमा भारती ने एक के बाद एक करके छह ट्वीट किए हैं और उनका सार यह है कि मध्यप्रदेश में नशाबंदी कैसे प्रभावी रूप में लागू होगी! उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि ‘अमरकंटक प्रवास के दौरान उन्हें डिंडोरी और शाहपुरा में कई जगह पर नर्मदा किनारे शराब की दुकानें चलती मिली जबकि मुख्यमंत्री ने इन्हें बंद करने के निर्देश दिए थे।’ उन्होंने यह भी लिखा है कि नई शराब नीति के बारे में सरकार विचार जरूर कर रही है लेकिन क्या यह लागू हो पाएगी और हमें सोचना होगा कि आखिरकार प्रभावी कौन है!सरकार, जनता का हित या माफिया।

अपने छह ट्वीट में उमा भारती ने कुल मिलाकर यह बातें लिखी हैं ‘2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर शिवराज जी के साथ भोपाल में नशा विरोधी जो सरकारी कार्यक्रम हुआ उसके बाद जब मैंने बहुत ही अनैतिक कुछ दुकानों को बंद कराने की चेष्टा की तो थोड़े समय के लिए बंद होकर वह फिर खुल गईं क्योंकि उन्हें कोर्ट से स्टे मिल गया। स्टे का आधार था कि देशी एवं विदेशी शराब की दुकानों एवं अहातों के लिए उनको सरकार की नीति के अनुसार लाइसेंस मिला हुआ है। 1 अप्रैल 2022 से लागू हुई शराब नीति में बहुत खामियां हैं लेकिन मैं प्रतीक्षा कर रही थी कि हम सबसे परामर्श के बाद नई शराब नीति लागू होगी तो सब खामियां ठीक हो जाएंगी। जब मैं शाहपुरा, डिंडोरी से आज निकल रही थी तब पता लगा कि वर्तमान की शराब नीति का उल्लंघन करते हुए भी यहां नर्मदा जी के तटीय कस्बों एवं शहरों में भी देशी विदेशी शराब की दुकानें खुली है।मुझे पता लगा कि शिवराज जी ने भी इन दुकानों को बंद करने के लिए निर्देश दिए थे फिर भी दुकानें सरकारी आदेश की धज्जियां उड़ाते धड़ल्ले से चल रही हैं। इसलिए अब मैं आशंकित हूं कि हम सबसे परामर्श के बाद जो नई शराब नीति बनेगी तो क्या वह लागू हो पाएगी? यह गहन चिंता का विषय है। प्रभावी कौन है? सरकार, जनता का हित या शराब माफिया। इस सवाल का उत्तर शायद जल्दी ही आप सब मुझे बता देंगे।’

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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