“नत्थू लाल” जैसी मूछें रखने पर सिपाही हुआ सस्पेंड

“नत्थू लाल” जैसी मूछें रखने पर सिपाही हुआ सस्पेंड

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। पुलिस विभाग के एक सिपाही (Police constable) को लंबी मूछ रखने का खामियाजा उठाना पड़ा। उसे पहले तो अपनी मूछें सही ढंग से कटाने की समझाइश दी गई और ना मांगने पर उसे निलंबित कर दिया गया। “मूछें हो तो नत्थू लाल जैसी” (mustache like “Nathu Lal”) फिल्म शराबी में मुकरी की विशिष्ट मूछों को लेकर अमिताभ बच्चन ने यह डायलॉग कई बार बोला है। लंबी मूछें लोगों के लिए शान का प्रतीक बनी है और कई लोग अपनी मूंछों को बेहद संभाल कर व ताव देकर रखते हैं लेकिन पुलिस के एक आरक्षक को लंबी मूछें रखना महंगा पड़ गया।

दरअसल यह आरक्षक चालक 1555 राकेश राणा एमटी पूल भोपाल में विशेष पुलिस महानिदेशक को ऑपरेटिव फ्रॉड और लोक सेवा गारंटी के वाहन पर चालक के रूप में कार्यरत है। उसके निलंबन आदेश में लिखा गया है कि इसका टर्न ऑऊट चेक करने पर पाया गया कि उसके बाल बढ़े हुए हैं और मूछ अजब डिजाइन से गले पर हैं जिससे टर्नआउट अत्याधिक भद्दा दिख रहा है।

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आरक्षक चालक राकेश राणा को अपने टर्नआउट को ठीक रखने के लिए बाल और मूछ उचित ढंग से कटवाने के निर्देश दिए गए लेकिन उक्त आरक्षक द्वारा उपरोक्त आदेश का पालन नहीं किया गया और बाल और मूछ जस के तस बनाए रखने की हठ की गई जो यूनिफार्म सेवा में अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है और इस कृत्य का अन्य कर्मचारियों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इसलिए उक्त आरक्षक राकेश राणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबित अवधि में उसे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। सहायक पुलिस महा निरीक्षक के द्वारा यह निलंबन आदेश 7 जनवरी को दिया गया है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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