भोपाल। राजधानी भोपाल (Bhopal) में मौसम (weather) ने फिर करवट ली है और रविवार रात दस बजे से तेज़ बारिश (rains) शुरू हो गई। आसमान में बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के साथ ही तेज़ बारिश होने लगी। मौसम विभाग ने पहले ही 1 मार्च को बारिश की संभावना जताई थी।
आपको बता दें कि दक्षिण-पश्चिम मध्यप्रदेश में चक्रवात का घेरा बनने से रविवार को मौसम में पहले ही ठंडक घुल गई थी और बादल छाए हुए थे। मौसम विभाग के मुताबिक अगले एक दो दिन पर मौसम में इसी तरह का उतार चढ़ाव देखा जाएगा। महाराष्ट्र तथा राजस्थान पर बने सिस्टम के कारण मध्यप्रदेश (madhya pradesh) में उसका असर हो रहा है और एक बार फिर गर्मी के दस्तक देते ही फिज़ा में ठंडक घुल गई है। लेकिन इस बेमौसम की बारिश के कारण किसानों (farmers) की चिंता बढ़ गई है, अगर बारिश ज्यादा हुई तो फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे पहले भी रीवा, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, चंबल संभाग में बारिश के कारण किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
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Gaurav Sharma पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है।