MP School – स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का बड़ा बयान

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना (Corona) के बढ़ते प्रकोप के चलते मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में अब 31 मार्च 2021 को स्कूल खोले (School Reopen) जाएंगे और अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरु किया गया। लेकिन इसके पहले स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार (Inder Singh Parmar) का बड़ा बयान सामने आया है। परमार ने कहा है कि निजी स्कूलों  (Private Schools) को आरटीई फीस (RTE fees) का भुगतान किया जायेगा वही उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते इस वर्ष मान्यता के नवीनीकरण का शुल्क फिलहाल नहीं लिया जा रहा है।

दरअसल, निजी स्कूलों के संघों के साथ बैठक के दौरान मंत्री परमार ने कहा कि अशासकीय विद्यालयों को आरटीई फीस का भुगतान पात्रतानुसार किया जायेगा और भुगतान में हुए विलम्ब के कारणों का भी निराकरण किया जायेगा। इस वर्ष मान्यता के नवीनीकरण का शुल्क फिलहाल नहीं लिया जा रहा है। निजी स्कूल सुविधानुसार किश्तों में शुल्क जमा कर सकते हैं।

इस दौरान उन्होंने कोविड-19 वायरस के संक्रमण के चलते उत्पन्न परिस्थितियों में अशासकीय विद्यालयों के संचालन और इसमें आने वाली समस्याओं के संबंध में चर्चा की। परमार ने कहा कि कोविड की रोकथाम और बच्चों को इससे बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) तथा अन्य सावधानियों का पूरा पालन सुनिश्चित किया जाये। अशासकीय विद्यालयों के संघ के पदाधिकारियों ने विद्यालय संचालन में आ रही समस्याओं से मंत्री परमार को अवगत कराया। मंत्री परमार ने समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया।

बोर्ड पैटर्न पर नही होगी 5वीं-8वीं की परीक्षा
मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार स्कूलों में कक्षा-1 से 8वीं तक की कक्षाएँ 31 मार्च तक बंद रहेंगी, तथापि प्रोजेक्ट के आधार पर मूल्यांकन (Evaluation) कर बच्चों को अगली कक्षा में प्रवेश दिया जायेगा। पाँचवीं और आठवीं की बोर्ड पेटर्न (Board Pattern) पर आधारित परीक्षाएँ इस वर्ष आयोजित नहीं होंगी। कक्षा-10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएँ ली जायेंगी, जिनकी कक्षाएँ शीघ्र प्रारंभ होंगी। कक्षा-9 और 11 के विद्यार्थियों (Student) को सप्ताह में एक या दो दिन स्कूल बुलाया जा सकेगा।

आरटीई फीस के भुगतान में विलम्ब न हो

मंत्री परमार ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्कूली बच्चों के आधार सत्यापन और मैपिंग का कार्य सत्र के अंत तक पूरा कर लिया जाये, ताकि आरटीई फीस के भुगतान में विलम्ब न हो। परमार ने स्कूली बच्चों के अभिभावकों से आग्रह किया कि कोविड के चलते जिस अवधि में निजी विद्यालय बंद रहे हैं, उस अवधि की ट्यूशन फीस का भुगतान विद्यालय संचालकों को करें।

बैठक में ये हुए शामिल

बैठक में प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन, सोसायटी फॉर प्रायवेट स्कूल्स डायरेक्टर्स, एमपी बोर्ड प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन, अशासकीय शिक्षण संस्था संगठन सहित राज्य के अन्य अशासकीय विद्यालयों के संघों के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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